संगठन की मासिक कार्यकर्ताओं के बीच संवाद का है सेतु : विरेंद्र कौशिक
 

भाजपा माधव मंडल में भाजपा की अहम बैठक संपन्न : संगठन की मजबूती और प्रचंड जीत का जश्न
 
 
शिवराज बागड़ी माधव मंडल

भिवानी, 05 मई : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नबीन के संगठनात्मक निर्देशों के अनुपालन में मंगलवार को माधव मंडल की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में ना केवल आगामी सांगठनिक कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई, बल्कि हालिया चुनावों में भाजपा को मिली प्रचंड जीत का उत्सव भी कार्यकर्ताओं ने जोश-खरोश के साथ मनाया। बैठक की अध्यक्षता माधव मंडल के अध्यक्ष शिवराज बागड़ी ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय परिषद के सदस्य व प्रदेश प्रवक्ता शंकर धुपड़ और जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत दीप प्रज्वलन और भारत माता के जयघोष के साथ हुई, जिसके बाद जिले और मंडल के पदाधिकारियों ने संगठन की गतिविधियों पर चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए शंकर धूपड़ ने कहा कि भाजपा की यह प्रचंड जीत केवल आंकड़ों की जीत नहीं है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और प्रत्येक पन्ना प्रमुख व जमीनी कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम है। राष्ट्रीय नेतृत्व के आदेशानुसार हमें हर बूथ को और अधिक सशक्त बनाना है ताकि विकास की लहर अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। वही जिला अध्यक्ष विरेंद्र कौशिक ने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह यह बता रहा है कि जनता का विश्वास भाजपा में अटूट है। संगठन की मासिक बैठकें हमारे बीच संवाद का सेतु हैं। माधव मंडल के कार्यकर्ताओं ने जिस समर्पण के साथ कार्य किया है, वह सराहनीय है। हमें रुकना नहीं है, बल्कि इस जीत के उत्साह को जनसेवा में बदलना है। माधव मंडल अध्यक्ष शिवराज बागड़ी ने कहा कि आज की बैठक में हमने आगामी कार्यक्रमों की योजना बनाई है। माधव मंडल का एक-एक कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा को घर-घर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के दूसरे चरण में कार्यकर्ताओं ने भाजपा की ऐतिहासिक जीत की खुशी में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि पार्टी की यह सफलता विपक्ष के भ्रामक प्रचार पर विकासवाद की जीत है। इस अवसर पर जिला महामंत्री रमेश पचेरवाल, रेखा राघव, माधव मण्डल महामंत्री रतन तवर, गोविंद प्रजापत, हरि प्रकाश बागड़ी, रमेश सैनी, विजय सिंहमार, किसान मोर्चा प्रभारी अजय परमार, दीपक सोलंकी, विष्णु सोनी, विष्णु मेघवाल, अनिल सोलंकी, ओम प्रकाश वर्मा, ऋषि कायत, भगवान दास कालिया, रेशमा, रूबी, आदित्य सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।