CBLU Bhiwani Youth Leadership Workshop: चौधरी बंसी लाल की 99वीं जयंती पर CBLU में यूथ लीडरशिप वर्कशॉप का आयोजन

भिवानी के चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में बंसी लाल जी की 99वीं जयंती पर 'विरासत से नेतृत्व तक' कार्यशाला का सफल आयोजन।
 
सीबीएलयू ऑफिशियल पोर्टल

 चौधरी बंसी लाल जी की 99वीं जयंती पर युवा नेतृत्व कार्यशाला का आयोजन

थीम: विरासत से नेतृत्व तक, विकसित हरियाणा के लिए युवाओं को सशक्त बनाना"

भिवानी, 26 अगस्त 2026। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी के युवा कल्याण विभाग द्वारा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत चौधरी बंसी लाल जी की 99वीं जयंती के अवसर पर एक दिवसीय यूथ लीडरशिप वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम सेमिनार हॉल, रामानुजन भवन, न्यू कैंपस में आयोजित किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य चौधरी बंसी लाल जी की दूरदर्शी सोच, दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन, प्रशासनिक दक्षता एवं समाज सेवा की विरासत को युवा नेतृत्व से जोडऩा तथा विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की दक्षता, प्रभावी संचार, टीम भावना, नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुणों का विकास करना रहा।

पूर्व राज्यसभा सांसद श्री मती किरण चौधरी जी की और से विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों केा संदेश- 

इस पावन अवसर पर पूर्व राज्यसभा सदस्य, श्रीमती किरण चौधरी, पुत्रवधू स्व.चौधरी बंसी लाल जी की ओर से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि चौधरी बंसी लाल जी का जीवन हमें सिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और समाज सेवा के प्रति समर्पण से किसी भी दुर्गम लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से मिलकर कार्य करने तथा उच्च मूल्यों को सशक्त कार्यशैली के रूप में अपनाने का आह्वान किया।

अपने प्रेषित संदेश में विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कहा कि चौधरी बंसी लाल आधुनिक हरियाणा के निर्माता थे। उनकी प्रशासनिक दक्षता की विशेषता उनकी निर्णय शक्ति एवं अनुशासन था। वे नितियों को कागज से धरातल पर उतरने की कला जानते थे। उन्होंने विद्यार्थियों से चौधरी बंसी लाल की भांति अनुशासन एवं नैतिकता के साथ व्यावहारिक नेतृत्व गुण विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की शैक्षणिक दृष्टि, शोध एवं नवाचार के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन और स्वावलंबन को बढ़ावा मिलना चाहिए। उन्होंने चौधरी बंसी लाल जी द्वारा हर गांव तक बिजली, पानी एवं शिक्षा पहुंचाने तथा शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों एवं पॉलिटेक्निक्स की स्थापना के लिए किए गए कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त, विकसित हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी नेतृत्व क्षमता विकसित कर सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में पहला कदम उठाना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं वंदना के साथ स्व.चौधरी बंसी लाल जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन, वंदे मातरम्, विश्वविद्यालय कुलगीत एवं श्लोक का आयोजन हुआ। डीन, विद्यार्थी कल्याण प्रो. सुरेश मलिक ने स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि हमारे लिए यह एक बेहतर अवसर है जब हम स्व.चौधरी बंसीलाल जी की जयंती को नेतृत्व क्षमता  विकसित करने की कार्यशाला के रूप में मना रहे हैं। 
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्व.चौधरी बंसीलाल जी की जीवनी को एक बार पढ़ें और उनके आदर्शों को जीवन में अपनायें। डॉ. सोनल शेखावत, निदेशक, युवा कल्याण एवं आयोजन सचिव ने कार्यशाला के उद्देश्य एवं रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं को अकादमिक ज्ञान के साथ नेतृत्व, संवाद, निर्णय क्षमता, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे जीवन-कौशलों से सशक्त करना आवश्यक है।

प्रथम तकनीकी सत्र में प्रो. शालिनी सिंह, विभागाध्यक्ष/प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक ने नेतृत्व के मनोवैज्ञानिक पहलुओं, आत्मविश्वास, प्रभावी संचार एवं निर्णय क्षमता पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात श्री राजन कुमार शर्मा, प्रमाणित नेतृत्व प्रशिक्षक, पिलानी (राजस्थान) ने विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को टीमवर्क, निर्णय-निर्माण, संवाद कौशल एवं जिम्मेदार नागरिकता के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में विभिन्न महाविद्यालयों से आए 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय के माननीय रजिस्ट्रार प्रो. भावना शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं आयोजन टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास ही एक सशक्त एवं विकसित समाज की आधारशिला है। उन्होंने स्व.चौधरी बंसी लाल जी की दूरदर्शी सोच और विकास की विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए इस सार्थक पहल की सराहना की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

चौधरी बंसी लाल जी की 99वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यशाला उनकी विकासवादी सोच, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति एवं समाज सेवा की विरासत को युवा नेतृत्व से जोडऩे की दिशा में एक सार्थक पहल रही।कार्यक्रम में डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुनीता भरतवाल, प्रो. ललिता गुप्ता, प्रो. नितिन बंसल, प्रो. राधेश्याम, प्रो. वी. एन. यादव, डॉ. सुप्रिया, पीआरए कोऑर्डिनेटर ऋषि शर्मा, सुपरवाइजर ज्ञानेंद्र राज,प्रोग्रामर राकेश,शुभम, संदीप सहित विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।