Haryana Academic News: सीबीएलयू में उन्नत सर्वेक्षण उपकरण विषय पर वर्कशॉप, 125 प्रतिभागी ले रहे हिस्सा
भिवानी के चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में 'भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी एवं उन्नत सर्वेक्षण उपकरण' विषय पर एक सप्ताह का एफडीपी शुरू हुआ। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय में ‘भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी एवं उन्नत सर्वेक्षण उपकरण’ विषय पर एक सप्ताह का संकाय विकास कार्यक्रम प्रारंभ
भिवानी, 12 अक्टूबर 2026। चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के पृथ्वी, पर्यावरण एवं अंतरिक्ष विज्ञान संकाय के भूगोल विभाग द्वारा ‘भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी एवं उन्नत सर्वेक्षण उपकरण’ (ज्योस्पैशल टेक्नोलॉजी एंड एडवांस्ड सर्वे इंस्ट्रुमेंटेशन) विषय पर एक सप्ताह के संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का आयोजन 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। कार्यक्रम का प्रथम दिन उद्घाटन सत्र का शुभारंभ कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की। उन्होंने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि आज टेक्नोलॉजी का युग है रोज नई नई टेक्नोलॉजी आ रही हैं विद्यार्थियों को अपने कौशल विकास पर फॉक्स करते हुए तकनीकी स्किल हासिल करनी चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए विभागाध्यक्ष डॉ पवन कुमार एवं भूगोल विभाग की सराहना की।
इस अवसर पर प्रो. भगवान सिंह चौधरी, अध्यक्ष, भूभौतिकी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र ने मुख्य वक्ता के रूप में ‘भारत की अंतरिक्ष यात्रा: भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी एवं उन्नत सर्वेक्षण उपकरण’ विषय पर व्याख्यान दिया।
अपने व्याख्यान में उन्होंने भारत की अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उपलब्धियों, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व तथा आधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भू-स्थानिक तकनीकें अनुसंधान, संसाधन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, विकास योजना और सतत विकास के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

इस कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के 25 संकाय सदस्यों तथा 100 विद्यार्थियों सहित कुल 125 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विभिन्न संस्थानों से आए संकाय सदस्यों की सहभागिता से अकादमिक संवाद, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा नवीन तकनीकों के प्रति समझ विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, आधुनिक सर्वेक्षण तकनीकों तथा उन्नत सर्वेक्षण उपकरणों के नवीनतम विकास और व्यावहारिक अनुप्रयोगों से परिचित कराना है। इसके माध्यम से भूगोल, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन तथा स्थानिक विश्लेषण के क्षेत्र में ज्ञान एवं तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के आगामी सत्रों में भू-स्थानिक तकनीक, सुदूर संवेदन (रिमोट सेंसिंग), आधुनिक सर्वेक्षण विधियों तथा उन्नत सर्वेक्षण उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग से संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस संकाय विकास कार्यक्रम से प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता, अनुसंधान क्षमता और अंतर्विषयक समझ को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय का भूगोल विभाग इस कार्यक्रम के माध्यम से उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा आधुनिक भू-स्थानिक विज्ञान के क्षेत्र में व्यावसायिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीन प्रो. संजीव कुमार ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा,डॉ दिनेश गोयत,डॉ सुरभि गौड,डॉ उत्पल कुमार,डॉ राकेश पंघाल, एलटी जितेंद्र सहित अनेक स्कॉलर,प्रतिभागी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।