*चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग द्वारा विकसित भारत 2047 की दिशा में एआई संचालित परिवर्तन पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन
CBLU भिवानी में राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य और फार्मेसी क्षेत्र में एआई (AI) आधारित नवाचारों पर की चर्चा।
भिवानी 12 मई ।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग एवं हरियाणा राज्य विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस के उपलक्ष्य में "विकसित भारत 2047 की दिशा में एआई संचालित परिवर्तन" विषय पर राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन कुलगुरु प्रो दीप्ति धर्माणी के दिशा निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने शिरकत की। कार्यक्रम में बतौर वक्ता विशेषज्ञ जेएनयू के प्रो. शानदार अहमद, डॉ अनिर्बान चक्रबर्ती ,प्रो. संजू नंदा ने शिरकत की। इस कांफ्रेंस के कन्वीनर फार्मेसी विभाग के चेयरमैन प्रो नितिन बंसल थे जिन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया और कांफ्रेंस की विस्तृत जानकारी दी।
कुलसचिव प्रो भावना शर्मा ने राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे लिए हर्ष एवं गर्व की बात है कि विश्वविद्यालय में फार्मेसी विभाग है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से रोजगारपरक गुणवतापूर्ण संस्कारी शिक्षा प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस कांफ्रेंस का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय विजन 'विकसित भारत @2047' को साकार करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर विचार-विमर्श करना है।
तकनीकी सत्रों में बतौर वक्ता विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं फार्मेसी के साथ प्रमुख क्षेत्रों में एआई आधारित नवाचारों के माध्यम से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि एआई संचालित समाधान भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी नेतृत्वकर्ता बनाने के साथ-साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगे। भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक तकनीक के समन्वय से 'तकनीक-सक्षम, मूल्य-आधारित समाज' के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। कांफ्रेंस में एआई स्टार्टअप, डिजिटल अवसंरचना और नैतिक एआई उपयोग को लेकर युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
विश्वविद्यालय ने भविष्य में एआई संबंधी शोध, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को गति मिल सके। कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ रीना ने किया। कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर डॉ दीपक कुमार थे।
इस अवसर पर डीन एफसीएम प्रो. सुनीता भरतवाल, डॉ आकाशदीप, डॉ नीलम,डॉ हरीश बिश्नोई,तकनीकी स्टाफ में कुलदीप सिंह,नीतीश, प्रेरणा,मंजीत आदि उपस्थित रहे।

