ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स की कांस्य पदक विजेता सीमा का सीबीएलयू में भव्य सम्मान, मिला 1 लाख का चेक
स्कॉटलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा कालीरमन को CBLU भिवानी में 1 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया गया।
सीबीएलयू में राष्ट्रमंडल खेल 2026 की कांस्य पदक विजेता सीमा का भव्य सम्मान
खिलाड़ी सीमा कालीरमन को विश्वविद्यालय ने एक लाख रुपए राशि का चेक देकर किया सम्मानित
"सीमा ने बेटियों को दिया गर्व से जीने का संदेश":कुलगुरु
सीमा: "अगला लक्ष्य एशियाई खेल और ओलंपिक में स्वर्ण"
भिवानी, 04 अगस्त : ग्लासगो, स्कॉटलैंड में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में डिस्कस थ्रो` में कांस्य पदक` जीतकर देश का नाम रोशन करने वाली सीमा कालीरमन का चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी की खेल परिषद` द्वारा आज भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने की।
कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी ने सीमा को स्मृति चिन्ह, शॉल एवं नकद राशि` देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि सीमा ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल सीबीएलयू बल्कि पूरे हरियाणा और देश का नाम ऊंचा किया है। उनकी इस उपलब्धि से हमारी बेटियों को गर्व से जीने और खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। सीमा ने एक अच्छी विद्यार्थी,एक होनहार खिलाड़ी,एक संस्कारी बेटी और मां होने का उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा कि एक पिता और गुरु ही अपने बच्चों और शिष्यों को आगे बढ़ता देख सकते हैं। उन्होंने सीमा की सफलता पर उसके सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए सीमा के पति व कोच रविंद्र, स्पोर्ट्स विभाग के डीन डॉ सुरेश मलिक और स्पोर्ट्स काउंसिल अध्यक्ष डॉ मितेश शर्मा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विजेता खिलाड़ी सीमा को सरकारी जॉब के लिए विश्वविद्यालय द्वारा सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा और विश्वविद्यालय खिलाड़ी सीमा के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव सहयोग करेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स एनालिटिक लैब पर स्पोर्ट्स टेस्टिंग लैब खोलने की बात कही। उन्होंने बताया कि इस लैब के खोलने से खिलाड़ियों को चोटिल होने से बचाया जा सकेगा।
सम्मानित होने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक विजेता खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने कहा कि यह पदक मेरे कोच, परिवार और सीबीएलयू के सहयोग के बिना संभव नहीं था। सीमा ने कहा कि मेरा यह सौभाग्य है कि मैंने स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई सीबीएलयू से की है और यहीं से पीएचडी कर रही हूं। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य अब एशियाई खेलों और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण जीतना है। मैं सभी युवा खिलाड़ियों से कहूंगी कि अनुशासन और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सम्मान और जॉब के प्रस्ताव के लिए विश्वविद्यालय की कुल गुरु प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी एवं कुल सूची प्रोफेसर भावना शर्मा सहित समस्त विश्वविद्यालय प्रशासन का धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा ने कहा कि सीमा की जीत हम सबके लिए बड़े हर्ष एवं उल्लास का अवसर है।खिलाड़ी सीमा ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अपनी पहचान बनाई है इससे विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों खिलाड़ियों को प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सीमा की जॉब के लिए आज ही प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
कार्यक्रम में सीमा को एक लाख रुपए राशि का चेक देकर सम्मानित किया गया। सीमा के कोच व पति रविंद्र,पिता श्री भूपसिंह को सम्मानित किया तथा उनकी माता श्रीमती कमला को वीर माता जीजा बाई सम्मान के तहत सम्मानित किया गया। डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ सुरेश मलिक ने खिलाड़ी सीमा और उनके परिजनों के साथ सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के कुछ वर्षों में ही अंतरराष्ट्रीय और विश्व स्तर पर नए कीर्तिमान स्थापित कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रमुख उद्देश्य खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण एवं बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध करवारकर अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय के खिलाड़ी भविष्य में भी इसी तरह देश,प्रदेश एवं विश्वविद्यालय के लिए मेडल लाते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे। प्रदेश खेल परिषद के अध्यक्ष डॉ मितेश शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
इस अवसर पर खिलाड़ी सीमा के पति व कोच रविंद्र ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में महिला एथलीट में देश के किसी विश्वविद्यालय को मिलने वाला यह पहला मेडल है। उन्होंने डॉ. सुरेश मलिक को डॉ. मितेश का मार्गदर्शन और सम्मान के लिए धन्यवाद एवं आभार जताया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने तिरंगे के साथ राष्ट्रगान गाकर सीमा की उपलब्धि का जश्न मनाया। इस अवसर पर प्रो. संजीव कुमार, प्रो ललिता गुप्ता,प्रो सुनीता भरतवाल,प्रो. डीके मदान, प्राचार्य डॉ संजय गोयल,डॉ शमशेर अहलावत, डॉ अदम्यवीर, डॉ वेद प्रकाश, डॉ मुकेश यादव, डॉ लखा सिंह,डॉ स्नेहलता सहित अनेक कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

