Bhiwani University Event: सीबीएलयू भिवानी में शंकराचार्य के अद्वैत वेदांत दर्शन पर संगोष्ठी, विद्यार्थियों को सिखाए गए योग अभ्यास

चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (CBLU) भिवानी में शंकराचार्य की एकात्म यात्रा पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें स्वामी योगप्रताप सरस्वती ने विचार रखे।

 
Chaudhary Bansi Lal University Bhiwani

चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, में शंकराचार्य की एकात्म यात्रा पर विशेष व्याख्यान का आयोजन 

भिवानी 14 अक्टूबर। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना एवं राष्ट्रीय एकात्मता की भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शंकराचार्य की एकात्म यात्रा पर विस्तृत व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वामी डॉ योगप्रताप सरस्वती ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए आदि शंकराचार्य के जीवन, दर्शन और भारतीय समाज को एक सूत्र में बाँधने के उनके महान योगदान पर प्रकाश डाला।

स्वामी योग प्रताप सरस्वती ने कहा कि आदि शंकराचार्य का अद्वैत वेदांत दर्शन संपूर्ण मानवता को एकात्मता, समरसता और बंधुत्व का संदेश देता है। उनका दर्शन इस विचार पर आधारित है कि समस्त सृष्टि में मूलभूत एकत्व विद्यमान है। उन्होंने भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करके वैदिक संस्कृति, आध्यात्मिक ज्ञान और भारतीय दर्शन के प्रचार-प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को जाति, भाषा, क्षेत्र और अन्य संकीर्णताओं से ऊपर उठकर राष्ट्रीय एकता तथा सांस्कृतिक समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता है। शंकराचार्य के विचार आज भी मानव जीवन को नैतिकता, आध्यात्मिकता और सद्भाव की दिशा प्रदान करते हैं।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचित कराना तथा उनमें सांस्कृतिक गौरव, सामाजिक समरसता और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था।

यह व्याख्यान भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को समझने और आदि शंकराचार्य के एकात्मता संबंधी संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देने वाला रहा।

इस अवसर पर भारतीय संस्कृति एवं भाषा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार ने स्वामी योग प्रताप सरस्वती को विश्वविद्यालय की सम्मान पट्टिका पहनाकर स्वागत किया एवं उनका परिचय प्रस्तुत किया उन्होंने कहा कि स्वामी योग प्रताप सरस्वती जी शंकराचार्य की एकात्म यात्रा को पूरे भारतवर्ष में एकता का संदेश देने के लिए प्रयासरत हैं। स्वामी जी ने सभी विद्यार्थियों को एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग अभ्यास भी सिखाया।  इस अवसर पर श्री भूपेंद्र सिंह रिटायर एसीपी, श्री अभिषेक तोमर और श्री गगन प्रसाद शंकर दूत के रूप में तथा विश्वविद्यालय से डॉ दीपक कुमारी, डॉ महक, डॉ सुशीला एवं श्री धर्मवीर, श्री राहुल, श्री पवन, श्री राकेश आदि  उपस्थित रहे।