Haryana Diwas Ragni Program: चंद्र गौड़ और राजबाला बहादुरगढ़ की रागनी प्रस्तुति ने बाँधा समाँ, भिवानी विश्वविद्यालय में हरियाणा दिवस उत्सव

चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (CBLU) भिवानी में 'विरासत कला' उत्सव के 5वें दिन लोक रागनी गायन का आयोजन हुआ। कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
 
CBLU Haryana Diwas Ragni Program

सभ्यता संस्कृति और नैतिक मूल्यों को कलाकारों ने सदैव एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचानें का कार्य किया है:प्रो दीप्ति धर्माणी 

भिवानी 30 अक्टूबर। सभ्यता संस्कृति और नैतिक मूल्यों को कलाकारों ने सदैव एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचानें का कार्य किया है। यह कहना है चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी का। वे आज ओल्ड कैंपस राधाकृष्णन सभागार में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के संयुक्त तत्वावधान में हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सात दिवसीय 'विरासत कला के पांचवे दिन के लोक रागनी गायन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. सुरेश मलिक, यशवीर जी, जगत नारायण भारद्वाज हरियाणा कला परिषद से रविंद्र श्योराण और एनसी जेडसीसी से मंथन कुमार सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

 नैतिक मूल्यों

उपस्थित कलाकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय ने शिक्षा के साथ साथ सदैव कला संस्कृति साहित्य और सभ्यताओं को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। इस अवसर पर चंद्र गौड़ की टीम ने एक के बाद एक प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। प्रस्तूति देने वाले गायक कलाकारों में चंद्र कुमार गौड़,लोक गायक राजबाला बहादुरगढ़,राजेश थुरानियां और पम्मी भारद्वाज शामिल रहे। इस दौरान प्रफोर्मिंग आर्ट डिपार्टमेंट के छात्र योगेश कुमार ने भी अपनी रागनी की प्रस्तुति देकर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के अंत में डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रोफेसर सुरेश मलिक ने सभी कलाकारों और मेहमानों का स्वागत किया और बताया कि 31 अक्तूबर को युवा कवि सम्मेलन आयोजित होगा। उत्सव के अंतिम दिन 01 नवंबर को विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां होंगी।  कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।