Charkhi Dadri DAP Crisis: रबी सीजन की बिजाई से पहले चरखी दादरी में डीएपी खाद की किल्लत, किसानों की बढ़ी चिंता

चरखी दादरी में रबी सीजन की बिजाई से पहले डीएपी खाद की उपलब्धता कम। किसानों की चिंता बढ़ी, कृषि विभाग कर रहा तैयारी।
 
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चरखी दादरी: जिले में रबी सीजन की बिजाई शुरू होने से ठीक पहले डीएपी खाद की उपलब्धता कम बनी हुई है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. आगामी 15 अक्तूबर से रबी फसलों की मुख्य बिजाई शुरू होने जा रही है, ऐसे में किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाना कृषि विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. खासकर सरसों की बिजाई के दौरान डीएपी की मांग में अचानक तेजी आने के कारण किसानों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

📊 2. रबी सीजन के लिए 13 हजार मीट्रिक टन डीएपी और 29 हजार एमटी यूरिया की जरूरत, विभाग ने तैयार किया महीनेवार खाका

कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे रबी सीजन के दौरान जिले में लगभग 13 हजार मीट्रिक टन डीएपी और करीब 29 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की आवश्यकता होगी. इसके अलावा 3 हजार एमटी एनपीके और 7 हजार एमटी एसएसपी खाद की मांग का अनुमान लगाया गया है. विभाग ने कृषि योग्य रकबे और फसलों की जरूरत के अनुसार मांग भेज दी है, जिसके तहत अक्तूबर से लेकर दिसंबर और जनवरी तक चरणबद्ध तरीके से खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है.

🚜 3. दिसंबर तक बनी रहेगी खाद और यूरिया की मांग, विभाग ने कहा— जिले में नहीं रहने दी जाएगी किसी प्रकार की कमी

रबी सीजन की शुरुआत में मुख्य रूप से सरसों की बिजाई की जाएगी, जिसके बाद नवंबर के पहले सप्ताह से गेहूं की अगेती और दिसंबर के अंत तक पछेती बिजाई का दौर चलेगा. दिसंबर में फसलों की पहली और दूसरी सिंचाई शुरू होने के बाद यूरिया की खपत में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है. हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है और बिजाई के रकबे के आधार पर समय पर पर्याप्त खाद का वितरण किया जाएगा, ताकि अन्नदाताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.