हरियाणा की चीनी मिलों को एक साल में घाटे से लाभ में लाना सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री
 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विजन-2047 के तहत सहकारिता विभाग के अगले 5 साले के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में दिए विस्तृत दिशा-निर्देश
 
 
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चंडीगढ़, 2 जून- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की सभी सहकारी चीनी मिलों की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए इन्हें अगले एक साल में घाटे से निकालकर लाभ की स्थिति में लाना सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए उच्चाधिकारी एक-एक मिल की स्थिति की गहन समीक्षा करें और सभी कमियों को दूर करें।
 
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश मंगलवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा विजन-2047 के तहत सहकारिता विभाग के अगले 5 साल के रोडमैप व कार्ययोजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि वे तीन माह बाद विभाग की कार्य योजना की पुनः समीक्षा करेंगे।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों से किसानों के हित जुड़े हैं इसलिए इनका लाभकारी स्थिति में होना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा में निजी चीनी मिले लाभ की स्थिति में चल रही हैं तो फिर सहकारी चीनी मिलें घाटे में क्यों चल रही हैं। सरकार ने इस साल चीनी मिलों को 632 करोड़ रुपये की सहायता दी है। उन्होंने सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज यादव को सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली और मानव संसाधन का गहन विश्लेषण करते हुए विभाग का पूर्ण रूप से कायाकल्प करने को कहा। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सहकारी चीनी मिलों में बैठे निठल्ले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने समय-समय पर मिलों को अपडेट करने तथा एथनोल प्लांट्स लगाने के संबंध में भी व्यापक निर्देश दिए।
 
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अगले वित्त वर्ष तक सभी सहकारी मिलों में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने का उद्देश्य भी पूरा किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि सहकारी मिलों में कार्यकुशल कर्मचारियों की कमी है, क्योंकि कई कार्यों से संबंधित पढ़ाई केवल पुणे या कानपुर में होती है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिलों को कुशल युवा उपलब्ध करवाने के लिए आईटीआई में इससे संबंधित कोर्स शुरू करवाए जाएंगे। उन्होंने गन्ना बेचने आए किसानों का प्रतीक्षा समय कम होने पर संतुष्टि जाहिर की।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की जरूरतों के मद्देनजर प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए उन्होंने नई डेयरी को-ओपरेटिव सोसायटी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को डेयरी शुरू करने व हरा चारा उगाने के लिए पंचायत की जमीन लीज पर दी जाए। इसके लिए उन्होंने पंचायत विभाग, पशुपालन विभाग तथा सहकारिता विभाग की संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने प्रदेश में पशुधन के लिए भविष्य में हरे व सूखे चारे की समुचित उपलब्धता के लिए भी व्यापक योजना बनाने के निर्देश दिए।
 
श्री नायब सिंह सैनी ने हरको बैंक में 100 प्रतिशत पैक्स को कम्प्यूटरीकृत करने के निर्देश देते हुए सहकारी बैंकों में महिलाओं के खातों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सहकारी बैंकों में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 15 हजार खाते हैं जिन्हें बढ़ाने के प्रतिवर्ष के लक्ष्य रखे गए हैं। स्वयं सहायता समूहों व ज्वाइंट लायबिलिटी गु्रप की महिलाओं को क्रेडिट सुविधा प्रदान की गई है और 145 करोड़ रुपये का ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है।
 
मुख्यमंत्री ने लेबर एंड कंस्ट्रक्शन फेडरेशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि कुछ सोसायटीज को अधिक ऋण देने की बजाय अधिक सोसायटीज को ऋण उपलब्ध करवाया जाए ताकि अधिक लोगों को लाभ मिले। इसके लिए नियमों को लचीला बनाया जाए। अधिकारियों ने बताया कि अभी 3000 सोसायटीज के माध्यम से 2000 करोड़ रुपये के कार्य करवाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अन्य संबंधित विभागों के समन्वय के साथ लक्ष्यों की प्राप्ति की योजना बनाई जाए। सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऋण वितरण का दायरा 130 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये करने तथा कम से कम 100 पैक्स को इसी साल लाभ की स्थिति में लाने के निर्देश दिए।
 
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा को-ओपरेटिव हाउसिंग फेडरेशन के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के परिवारों के लिए आवास बनाने हेतु प्रति परिवार 12.50 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध करवाया जाता है। इस पर संबंधित परिवार को 7 प्रतिशत साधारण ब्याज अदा करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम आय वर्ग के ऐसे परिवारों को राहत देने के लिए ब्याज की दर को 7 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया जाए।
 
इनके अलावा मुख्यमंत्री ने हरकोफैड, हैफेड व रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसायटी सहित सहकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले अन्य उपक्रमों के कार्यों व भविष्य की योजनाओं की भी समीक्षा की तथा अगले 5 वर्षों में इनकी कायापलट के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।