Bhiwani Coaching Centers News: सफल छात्रों के झूठे दावे करने वाले कोचिंग संस्थानों की होगी जांच, 1915 पर करें शिकायत

भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए डीसी साहिल गुप्ता ने कोचिंग संस्थानों की जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1915 जारी किया गया है।

 
DC Sahil Gupta Bhiwani

कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों की जांच होगी: डीसी साहिल गुप्ता

सफल विद्यार्थियों की रैंक, पाठ्यक्रम और फीस की देनी होगी पूरी जानकारी

विद्यार्थी और अभिभावक कोचिंग संस्थानों से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर करें संपर्क

भिवानी, 15 अक्टूबर। डीसी साहिल गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थी और अभिभावक कोचिंग संस्थानों से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा एनसीएच मोबाइल ऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने कोचिंग संस्थानों के भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। देशभर में इन नियमों के उल्लंघन के मामलों में 34 कोचिंग संस्थानों पर कुल एक करोड़ 59 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

डीसी साहिल गुप्ता ने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के निर्देशों अनुपालना में जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों की जांच और सीसीपीए के दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि यूपीएससी सिविल सेवा, जेईई, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन भी जांच के दायरे में रहेंगे।

उन्होंने बताया कि सीसीपीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोचिंग सेंटरों द्वारा अपने विज्ञापन करते समय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थियों की उपलब्धियों, उनकी प्राप्त रैंक, पाठ्यक्रम का नाम और अवधि तथा पाठ्यक्रम शुल्कसुदा या नि:शुल्क, इसकी स्पष्ट जानकारी देना अनिवार्य है। विद्यार्थी के नाम, फोटो, प्रशंसापत्र या वीडियो का इस्तेमाल करने से पहले उसकी लिखित सहमति लेना भी जरूरी है। कोचिंग संस्थान चयनित विद्यार्थियों की संख्या, सफलता दर, रैंक, फीस, शिक्षकों की योग्यता और फीस वापसी नीति के बारे में झूठे या भ्रामक दावे नहीं कर सकते। गारंटीकृत चयन, नौकरी की सुरक्षा अथवा निश्चित रूप से अच्छी रैंक और अधिक अंक दिलाने का आश्वासन देना भी प्रतिबंधित है।