मनरेगा को खत्म करने के मुद्दे पर कांग्रेस का भाजपा पर तीखा हमला
भिवानी :
भिवानी में कांग्रेस ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को जानबूझकर कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया।
स्थानीय रोहतक रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हरियाणा कांग्रेस के सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल ने कहा कि भाजपा सरकार न केवल गरीबों का हक छीन रही है, बल्कि गांधीवादी विचारधारा को भी मिटाने की साजिश रच रही है।
इस मौके पर हरियाणा सह प्रभारी जितेंद्र बघेल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था का आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित तरीके से इसके बजट में कटौती की है। बघेल ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार गरीबों के रोजगार पर हमला कर रही है। कांग्रेस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मूल्यों और गरीबों के हक की रक्षा के लिए सडक़ से संसद तक लड़ाई लड़ेगी।
आरोप लगाया गया कि पहले हर परिवार को 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी थी, जिसे अब सीमित किया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि अब फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा और मजदूरी तय करने के अधिकार सरकार अपने पास रख रही है। पंचायतों को दरकिनार कर पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से काम कराने का आरोप भी उन्होंने लगाया।
इसके साथ ही केंद्र द्वारा 100 प्रतिशत भुगतान के बजाय अब राज्यों पर 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का बोझ डालने का विरोध, जिससे राज्य काम देने से कतरा सकते हैं।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि काम और मजदूरी की संवैधानिक गारंटी की पूर्ण बहाली, मनरेगा में किए गए बदलावों को तत्काल वापस लेना, न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 400 रुपये करना सरकार को करना चाहिए, ना कि मजदूरों क हक छीनने चाहिए।
इस मौके पर कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों की पोल खोलें। वहीं ग्रामीण जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मजदूरों को समय पर भुगतान न मिलना सरकार की सोची-समझी रणनीति है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला, तो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
इस अवसर पर सत्यजीत पिलानिया, ईश्वर शर्मा, बलवान पूर्व पार्षद, समीर खटीक, मनजीत एनएसयूआई, रजत वाल्मीकि, बलबीर सरोहा, राजकुमार धनखड़, दिनेश कौशिक, मा. बलवंत घणघस, अमन तंवर राघव, दीपेश सारसर, विरेंद्र बापोड़ा, रवि सोलंकी, मुकेश प्रजापत, अनिल मास्टर, नरेश तंवर जीएम, लक्ष्मण वर्मा, राजेश बडाला, सुरेंद्र हुद्रा, डा. फूल सिंह धनाना, शिव कुमार धानक, अमित पंघाल, धीरजख् वरूणा कुमार, वेदप्रकाश सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

