सीपीआई ने शहर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा 9 सूत्रीय मांगपत्र
भिवानी :
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की भिवानी जिला कौंसिल ने देशव्यापी आह्वान पर भिवानी में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। यह प्रदर्शन देश और हरियाणा राज्य के सामने मौजूद ज्वलंत मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया था।
प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम भिवानी उपायुक्त के माध्यम से भेजा गया, जिसमें 9 सूत्री मांगें रखी गईं। उपायुक्त की तरफ समाज कल्याण अधिकारी ने मांगपत्र लिया।
मांगपत्र सौंपते सीपीआई के जिला सचिव कामरेड फूल सिंह इंदौरा ने अपने ज्ञापन में देश की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में एक आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है, जिसके कारण महंगाई और बेरोजगारी निरंतर बढ़ रही है।
देश भर में दलितों, पिछड़े वर्गों और महिलाओं पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं, लेकिन पुलिस-प्रशासन आत्महत्याओं को भी हत्या जैसा जघन्य अपराध छिपाने के लिए मजबूर है। उन्होंने आरोप लगाया गया कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी का पैसा समाज के विकास के बजाय अन्य कामों में लगा रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट घटाया जा रहा है, जिससे गरीब और किसान साथियों को मिलने वाली सुविधाएं बंद कर दी गई हैं।
समाज कल्याण विभाग द्वारा गरीब और मजदूरों के लिए दी जाने वाली राशि समय पर नहीं दी जा रही है। सार्वजनिक क्षेत्र का निरंतर निजीकरण हो रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति चंद लोगों के लिए मुनाफा कमाने का साधन बन गई है। किसानों पर लगातार कजऱ् का बोझ बढ़ रहा है, और प्राइवेट फाइनेंसर्स मनमाने ब्याज के नाम पर उनकी कड़ी मेहनत की कमाई हड़प रहे हैं।
उन्होंने मांग उठाते हुए कहा कि दलितों, पिछड़ों और महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए। एस.सी./एस.टी. सबप्लान का पैसा इसी समाज के विकास में लगाया जाए। मनरेगा का बजट बढ़ाया जाए और वर्ष में 200 दिन काम तथा 800 रुपये दैनिक मज़दूरी दी जाए। मनरेगा का दायरा शहरी की कच्ची बस्तियों तक बढ़ाया जाए। भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों को कल्याण बोर्ड से मिलने वाली बंद की गई सुविधाओं को पुन: शुरू किया जाए और यूनियन-4 के पदाधिकारियों को काम के वेरीफिकेशन की मज़दूरी दी जाए।
सरकारी कार्यालयों, स्कूलों आदि में खाली पड़े पदों को भरा जाए और नीति क्षेत्र में आरक्षण लागू किया जाए। गरीब तबके से बी.पी.एल. परिवारों को 100-100 वर्ग गज के शहरी और शहरी क्षेत्र के मज़दूरों को 50-50 वर्ग गज के रिहायशी प्लॉट दिए जाएं और उन पर मकान बनाने हेतु प्रति प्लॉट 5 लाख रुपये की ग्रांट दी जाए। हर आदमी को समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए।
सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में मशीनें, दवाइयाँ और स्टाफ उपलब्ध हो। ग्रामीण मज़दूरों, छोटे किसानों और शहरी गरीबों के सभी तरह के कजऱ् माफ़ किए जाएं। संविधान की पवित्रता पर हमले बंद किए जाएं और चुनाव आयोग, ई.डी. आदि संवैधानिक संस्थाओं का स्वतंत्र वजूद बहाल किया जाए। देश में भाईचारे/सामाजिक एकता को तोडऩे वाली ताकतों पर रोक लगाई जाए।
इस अवसर पर रण सिंह यादव, प्रदीप, राजेश तिवारी, धर्मेंद्र कुंगड़, राज कपूर, संजय कुमार, कुलदीप, धनेश, प्रकाश, सुनील राय, कृपा मंगल, अमरेश रॉय आदि मौजूद रहे।

