Crude Oil Price Hike: 100 डॉलर की ओर कच्चा तेल, 30 महीने के रिकॉर्ड लेवल पर ब्रेंट क्रूड; भारत में क्या महंगा होगा पेट्रोल-डीजल?
मिडिल ईस्ट संकट के बीच कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। मार्च में ब्रेंट और WTI में 30% से ज्यादा का इजाफा हुआ है। भारत में LPG के दाम बढ़ने के बाद अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर संकट मंडरा रहा है। जानें विशेषज्ञों की राय और रूसी तेल का गणित।
कच्चे तेल की कीमतों ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है. अमेरिकी और खाड़ी देशों का क्रूड दोनों ही 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं. खास बात तो ये है कि दोनों कच्चे तेल करीब 30 महीने के हाई पर पहुंच गया है. वैसे मौजूदा महीने यानी मार्च में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई में 30 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती है. वास्तव में मिडिल ईस्ट संकट की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा है. जिसकी वजह से टेंशन काफी बढ़ गई है. वहीं होमुर्ज स्ट्रेट अभी भी बंद है. जहां से ग्लोबल मार्केट का 20 फीसदी से ज्यादा क्रूड सप्लाई होता है. जिसके जल्द ही बहाल होने की कोई उम्मीद नहीं आ रही है.
जानकारों का मानना है अगर मिडिल ईस्ट का संकट जल्द ही खत्म नहीं हुआ तो देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में जल्द ही इजाफा देखने को मिल सकता है. इसका उदाहरण हम 7 मार्च यानी आज देख चुके हैं. घरेलू पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में इजाफा कर दिया है. जिसकी वजह से एलपीजी के दाम 900 रुपए के पार चले गए हैं. वहीं दूसरी ओर साल 2023 के बाद पहली बार घरेलू गैस सिलेंडर के दाम 2000 रुपए के पार चले गए हैं. वैसे संकेत मिले हैं कि सरकार कच्चे तेल की कीमतों का असर कम करने के लिए रूसी तेल की सप्लाई बढ़ा सकती है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम किस लेवल पर देखने को मिल रहे हैं.
कच्चे तेल की कीमत में इजाफा
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है. इंवेस्टिंग डॉट कॉम के आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम में कारोबारी सत्र के दौरान 10.65 फीसदी का इजाफा देखने को मिला. जिसकी वजह से दाम 94.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए. आंकड़ों को देखें तो मौजूदा समय में ब्रेंट क्रूड की कीमत 9 फीसदी की तेजी के साथ 93.04 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है.
वहीं दूसरी ओर अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत में भी जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. अमेरिकी कच्चे तेल डब्ल्यूटीआई के दाम में 14.22 फीसदी का इजाफा देखने को मिला और दाम 92.53 डॉलर प्रति बैरल के साथ 52 हफ्तों के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए है. वैसे अमेरिकी क्रूड ऑयल 12.21 फीसदी की तेजी के साथ 90.90 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हो गया. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत में और इजाफा देखने को मिल सकता है.
मार्च के महीने में 30 फीसदी से ज्यादा का इजाफा
- खाड़ी देशों का कच्चा तेल 19 अप्रैल 2024 बाद पहली बार 90 डॉलर प्रति बैरल के पार देखने को मिला है.
- अक्टूबर 2023 के बाद ब्रेंड क्रूड ऑयल 94 डॉलर के पार के लेवल पर देखा गया. जोकि 30 महीने का हाई है.
- मौजूदा साल में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत में 33.70 फीसदी का इजाफा देखने को मिल चुका है. 66 दिनों में ये जबरदस्त तेजी है.
- अगर बात मौजूदा महीने की करें तो खाड़ी देशों के कच्चे तेल ब्रेंट क्रूड की कीमत में 30.40 फीसदी का इजाफा देखा जा चुका है.
- वहीं अमेरिकी क्रूड ऑयल की बात करें तो 29 सितंबर 2023 के बाद अमेरिकी क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार देखी गई है.
- इसका मतलब है कि अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत करीब 30 महीने के हाई पर पर पहुंव गई है.
- अगर बात मौजूदा साल की करें तो अमेरिकी क्रूड की कीमत में 61.14 फीसदी का इजाफा देखने को मिल चुका है.
- वहीं दूसरी ओर मौजूदा महीने में अमेरिकी क्रूड ऑयल डब्ल्यूटीआई की कीमत में 38.06 फीसदी की बढ़ोतरी देखी जा चुकी है.
भारत में कच्चे तेल की कीमत
वहीं दूसरी ओर घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल की कीमत रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल के दाम 8500 रुपए प्रति बैरल के पार चले गए हैं. जोकि लाइफ टाइम हाई का रिकॉर्ड है. शुक्रवार को कारोबारी सत्र के दौरान कच्चे तेल के दाम 8,518 रुपए प्रति बैरल के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए हैं. जबकि घरेलू बाजार में कच्चे तेल के दाम 1,046 रुपए की तेजी के साथ 8,363 रुपए पर बंद हुए. जानकारों की मानें तो कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने वाले दिनों में जारी रहने की संभावना है. एक्सपर्ट के अनुमान है कि अगर ये युद्ध दो हफ्तों से ज्यादा समय तक चला तो घरेलू वायदा बाजार में कच्चे तेल के दाम 10 हजार रुपए प्रति बैरल के लेवल पर देखने को मिल सकते हैं.
क्या बढ़ेंगी पेट्रोल और डीजल की कीमत?
शनिवार से घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में इजाफा होने के बाद ये सवाल बड़ा हो गया है कि क्या देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा होगा या नहीं. जानकारों की मानें तो जानकार कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने का इंतजार कर रहे हैं. अगर आने वाले कुछ दिनों में ऐसा होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा देखने को मिल सकता है. एक्सपर्ट के अनुसार भारत रूसी कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ाने में जुटा हुआ है. जोकि हाल के दिनों में काफी कम हो गई थी. अगर सप्लाई बढ़ती है और भारत में सस्ता तेल मिलता रहता है तो आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा देखने को नहीं मिलेगा. वैसे पेट्रोलियम मिनिस्टर और सरकार आम लोगों को राहत देने की कोशिशों में जुटी हुई है.

