Yash Vir Singh Bronze CWG 2026: कभी बांस के भाले से किया अभ्यास, अब कॉमनवेल्थ गेम्स में यश वीर ने रचा इतिहास

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मेन्स जैवलिन थ्रो में भारत के नीरज चोपड़ा ने सिल्वर (85.83m) और यश वीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल (85.41m) जीतकर इतिहास रच दिया। जानिए जयपुर के यश वीर के संघर्ष की कहानी।

 
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेन्स जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) इवेंट में भारत का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि उभरते हुए खिलाड़ी यश वीर सिंह ने 85.41 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

यह यश वीर का पर्सनल बेस्ट (सर्वश्रेष्ठ) प्रदर्शन भी है। वहीं, श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिराज ने 89.75 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। 2006 के बाद यह पहला मौका है जब राष्ट्रमंडल खेलों में श्रीलंका के खाते में गोल्ड मेडल आया है।

🎋 बांस के भाले से शुरू किया था अभ्यास: नेशनल प्लेयर पिता की प्रेरणा से यश वीर ने बनाई पहचान

24 वर्षीय यश वीर सिंह का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था और वे भारत के बेहद होनहार भाला फेंक खिलाड़ियों में शामिल हैं। राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाले यश वीर को शुरुआत में बास्केटबॉल खेलने का शौक था, लेकिन जल्द ही वे जैवलिन थ्रो की तरफ मुड़ गए।

शुरुआती दौर में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में वे बांस से बने भाले के साथ अभ्यास किया करते थे। उनके पिता राय सिंह भी नेशनल लेवल के जैवलिन थ्रो खिलाड़ी रह चुके हैं, जिनसे प्रेरणा लेकर यश वीर आगे बढ़े। उन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, जब इंडियन अंडर-20 फेडरेशन कप में उन्होंने नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़ दिया था। वर्ष 2022 में उन्होंने 80 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंककर इतिहास रचा था।

🌏 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला पदक: 2025 एशियाई चैंपियनशिप और वर्ल्ड चैंपियनशिप में दिखाया था दम

सीनियर स्तर पर कदम रखने के बाद यश वीर ने लगातार निरंतरता बनाए रखी। अप्रैल 2025 में उन्होंने दक्षिण कोरिया के गुमी में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, जहाँ उन्होंने 82.57 मीटर के प्रदर्शन के साथ 5वां स्थान हासिल किया था।

अपनी रैंकिंग के दम पर उन्होंने जापान के टोक्यो में आयोजित 2025 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी क्वालिफाई किया था। हालांकि, किसी भी सीनियर इंटरनेशनल इवेंट में यश वीर का यह पहला मेडल है।

🇮🇳 कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले तीसरे भारतीय: नीरज और काशीनाथ की ब्रिगेड में हुए शामिल

कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में मेन्स जैवलिन थ्रो इवेंट में पदक जीतने वाले यश वीर सिंह अब भारत के तीसरे पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।

उनसे पहले 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में काशीनाथ नाइक ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं, स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने 2018 गोल्ड कोस्ट में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब 2026 में देश के लिए सिल्वर मेडल हासिल किया है।