Delhi Police Vs Lawyers Conflict: शाहदरा थाने में वकील से मारपीट और पिस्टल दिखाने के आरोप में घिरे एसीपी पर कड़ा एक्शन

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया है। जानिए क्या है पूरा विवाद।
 
Delhi Local News Hindi

दिल्ली पुलिस के एसीपी (ACP) मनस्वी वशिष्ठ को मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर सोमवार को हुए अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन के बाद यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने ही इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। इस पूरे विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को पूर्वी दिल्ली के शाहदरा थाने से हुई थी, जहाँ पुलिसकर्मियों और कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों के बीच तीखी झड़प की घटना सामने आई थी।

⚖️ आम नागरिक और वकील के विवाद से शुरू हुआ मामला; एसीपी पर लगा था सर्विस पिस्टल दिखाने का आरोप

विवाद का पूरा घटनाक्रम:

  • थाने में मारपीट: जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक आम नागरिक और वकील के बीच हुए झगड़े से हुई थी। दोनों पक्ष अपनी शिकायत लेकर शाहदरा थाने पहुँचे थे, जहाँ देखते ही देखते मारपीट की स्थिति बन गई।

  • पिस्तौल दिखाने का आरोप: इस झड़प के दौरान एसीपी पर सर्विस पिस्तौल दिखाने के गंभीर आरोप लगे। वकीलों का दावा था कि झड़प के दौरान वकील ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई थी।

  • वकीलों की हड़ताल: वकीलों ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ पर रिवॉल्वर दिखाकर धमकी देने का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। हालांकि, पुलिस पक्ष का कहना था कि घटना के समय एसीपी केवल अपनी सर्विस पिस्टल बदल रहे थे, जिसके कारण वह उनके हाथ में थी।

🔁 वकीलों के भारी दबाव के बाद हुआ था एसीपी और एसएचओ का तबादला

प्रशासनिक फेरबदल और हड़ताल समाप्ति:

  • तबादले का आदेश: मामला बढ़ता देख और वकीलों के भारी दबाव के बीच 28 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस प्रशासन ने एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को गांधी नगर के पद से हटाकर ‘स्पेशल पुलिस यूनिट फॉर वूमेन एंड चिल्ड्रन’ (SPUWAC) में ट्रांसफर कर दिया था।

  • एसएचओ पर एक्शन: इसके साथ ही शाहदरा थाने के एसएचओ (SHO) अरुण कुमार का तबादला सिक्योरिटी ब्रांच में कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद ही वकीलों ने अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस ली थी।

📢 तबादले के विरोध में पुलिस मुख्यालय पहुंचे थे 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी; कमिश्नर के सामने रखी थीं 4 मुख्य मांगें

मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन और मांगें:

  • पुलिसकर्मियों में गुस्सा: एसीपी और एसएचओ पर हुई कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे के जवानों में भारी नाराजगी फैल गई। इसके विरोध में एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के नेतृत्व में करीब 50 से अधिक पुलिसकर्मी सोमवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पहुँच गए और जमकर विरोध जताया। पुलिसकर्मियों की मांग थी कि ऑन-ड्यूटी उनके साथ होने वाली बदसलूकी और मारपीट की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए।

  • कमिश्नर के समक्ष रखी गई 4 मांगें:

    1. स्पष्ट एसओपी (SOP): एक मानक संचालन प्रक्रिया बनाई जाए, ताकि ऐसी परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को स्पष्ट रहे कि उन्हें क्या कदम उठाना है।

    2. निष्पक्ष जांच: पुलिस विभाग द्वारा जो केस दर्ज किया गया है, उसकी पूरी निष्पक्षता से जांच की जाए।

    3. दंडात्मक कार्रवाई न हो: ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ किसी प्रकार की एकतरफा कार्रवाई न की जाए।

    4. आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई करने वाले व दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।