POCSO and POSH Workshop: बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भिवानी के स्कूल में विशेष सत्र, बस चालकों और स्टाफ को दिए गए जरूरी निर्देश

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल भिवानी में पॉश और पॉक्सो अधिनियम पर कानूनी जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन आनंद ने स्टाफ को दिए महत्वपूर्ण निर्देश।

 
कानूनी जागरूकता कार्यशाला भिवानी

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, भिवानी में पॉश (POSH) और पॉक्सो (POCSO) जागरूकता पर कार्यशाला

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में आज बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम (पॉश) पर एक अत्यधिक जानकारीपूर्ण और प्रभावशाली कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता प्रतिष्ठित वरिष्ठ अधिवक्ता श्री चेतन आनंद ने मुख्य वक्ता के रूप में की, जिनके साथ उनके कनिष्ठ अधिवक्ता श्री वीरेंद्र जी भी मौजूद थे। सत्र की शुरुआत मुख्य वक्ताओं के स्वागत के साथ हुई, जिससे आगामी महत्वपूर्ण चर्चाओं के लिए एक सम्मानजनक और आकर्षक माहौल बना।

पब्लिक स्कूल

सत्र के दौरान, वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन आनंद ने पॉश और पॉक्सो दोनों के तहत निहित कानूनी ढांचों, कानूनी जिम्मेदारियों और सुरक्षात्मक उपायों के बारे में एक विस्तृत और सरल व्याख्या प्रस्तुत की। यह कार्यशाला अपने समावेशी दृष्टिकोण में अनूठी थी, क्योंकि यह शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों से काफी आगे बढ़कर ग्रुप ‘डी’ के कर्मचारियों सहित संस्थान के पूरे सहायता पारिस्थितिकी तंत्र तक फैली हुई थी। अधिवक्ता आनंद ने स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं, बस चालकों, कंडक्टरों, चपरासियों और महिला परिचारिकाओं (आया) के साथ सीधे बातचीत की और बच्चों तथा सहकर्मियों के लिए एक सुरक्षित, सतर्क और सम्मानजनक माहौल बनाए रखने में प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यक भूमिका पर प्रकाश डाला।

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ज्ञानवर्धक सत्र के समापन पर, वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन आनंद ने स्कूल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया और प्रधानाचार्या डॉ. निर्मला नीतू की प्रशंसा की। उन्होंने नियमित अंतराल पर इस तरह की महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यशालाओं के आयोजन के लिए उनके सक्रिय नेतृत्व और निरंतर समर्पण की सराहना की, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि स्कूल का प्रत्येक कर्मचारी जागरूक, सतर्क और कानूनी रूप से जानकारीयुक्त रहे।

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प्रधानाचार्या ने अतिथि महोदय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया और उन्हें सम्मान स्वरूप एक स्मृति चिन्ह भेंट किया। इसके अलावा, प्रधानाचार्या ने आश्वासन दिया कि संस्थान पॉश और पॉक्सो अधिनियमों के तहत उल्लिखित दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करेगा।