दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषय पर कार्यशाला का आयेजन
भिवानी:
आज की भागदौड भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन गई है। इससे निपटने के लिए आज हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के परिसर में स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन् स्कूल के प्रांगण में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा च्च्स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंटज्ज् विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मानसिक तनाव से मुक्ति, सकारात्मक सोच का विकास तथा व्यक्तित्व निर्माण के व्यावहारिक सूत्र प्रदान करना था।
इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोर्ड अध्यक्ष प्रो० (डॉ०) पवन कुमार ने की।
इस अवसर पर शिक्षा बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश शाहपुर, बोर्ड के अधिकारी/कर्मचारी तथा बोर्ड प्रागंण में स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन् स्कूल के अध्यापक/प्राध्यापक एवं छात्र/छात्राएं भी उपस्थित रहे।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के तत्वाधान में दिव्य गुरू आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में साध्वी सुश्री जयंती भारती ने बताया कि आज की प्रतिस्पर्धी जीवनशैली में तनाव एक सामान्य स्थिति बन चुकी है, परंतु ध्यान, प्राणायाम, समय-प्रबंधन, सकारात्मकता एवं आत्म-जागरूकता जैसे सरल उपायों को अपनाकर व्यक्ति अपनी मानसिक स्थिति को संतुलित और सशक्त बना सकता है।
कार्यशाला में व्यक्तित्व विकास से जुड़े पहलुओं जैसे—आत्मविश्वास वृद्धि, संवाद कौशल, लक्ष्य निर्धारण, नैतिक मूल्यों का महत्व और जीवन में अनुशासन की भूमिका—पर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने उदाहरण और प्रेरक कहानियों के माध्यम से बोर्ड के अधिकारियों/ कर्मचारियों को अपने कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया ।
बोर्ड अध्यक्ष ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ छात्रों व कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।
उन्होंने संस्थान द्वारा दिए गए मार्गदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि कार्यशाला से उन्हें नई ऊर्जा, शांति और सकारात्मकता का अनुभव हुआ। बोर्ड अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ने उपस्थित संत समाज को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

