गर्भावस्था के दौरान किए गए मैडिकल टेस्ट से डाउन सिंड्रोम को पहचाना जा सकता है : डा. राज  

 
गर्भावस्था के दौरान किए गए मैडिकल टेस्ट से डाउन सिंड्रोम को पहचाना जा सकता है : डा. राज  

भिवानी:

स्थानीय पुराना बस स्टैंड स्थित प्रयास स्पेशल (दिव्यांग) स्कूल में वल्र्ड डाउन सिंड्रोम डे के अवसर पर शुक्रवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई।

इसके बाद स्कूल की विशेष छात्रा पूजा, जो स्वयं डाउन सिंड्रोम से ग्रसित थी और कल बीमारी के चलते निधन हो गया था, उसको सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। प्राचार्या संस्कृति जैन ने बताया कि कार्यक्रम में जाने-माने बाल चिकित्सक डा. राज और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. साक्षी भारद्वाज ने डाउन सिंड्रोम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम डाउन सिंड्रोम के प्रति जागरूकता फैलाने और विशेष बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक सकारात्मक पहल साबित होते है। इस मौके पर डा. राज ने बताया कि डाउन सिंड्रोम एक अनुवांशिक (जेनेटिक) विकार है, जो गर्भावस्था के दौरान किए गए मैडिकल टेस्ट द्वारा पहचाना जा सकता है। उन्होंने माता-पिता को बताया कि डाउन सिंड्रोम से ग्रसित बच्चों की विशेष देखभाल कैसे की जा सकती है और समाज में उन्हें मुख्यधारा से जोडऩे के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।  

डा. साक्षी भारद्वाज ने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्पेशल बच्चों के लिए योग्य स्टाफ (स्पीच थेरेपिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, वोकेशनल ट्रेनर, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट) मिलकर कार्य करें तो इन्हें पुनर्वास किया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने मैडिकल सुविधाओं की आवश्यकता पर भी बल दिया और माता-पिता को यह समझाया कि दवाइयों से डरने की जरूरत नहीं है।  

कार्यक्रम में उपस्थित माता-पिता ने अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त की, जिनका दोनों विशेषज्ञों ने उचित समाधान दिया। स्कूल की शिक्षिकाएं मोनिका, सुशीला और मधु ने भी बच्चों की देखभाल से संबंधित प्रश्न पूछे।   इसके अलावा सीबीएलयू विश्वविद्यालय से आए इंटर्न छात्र-छात्राओं ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया और विषय से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें सीखीं। कार्यक्रम के अंत में प्रबंधन समिति के श्याम अग्रवाल ने आए हुए विशेष अतिथियों का आभार व्यक्त किया और स्कूल की ओर से सभी को स्मृति चिन्ह भेंट किए।