अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED रेड

 
 अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर ED रेड

दिल्ली ब्लास्ट के बाद एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में रेड की है। मंगलवार सुबह 5 बजे ED दिल्ली में ओखला स्थित ऑफिस समेत यूनिवर्सिटी के ट्रस्टियों और संबंधित व्यक्तियों के 25 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चल रही है।

टीम ने यूनिवर्सिटी के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक को सील कर दिया है।

इस बीच, हरियाणा के कार्यवाहक DGP ओपी सिंह भी सुबह यूनिवर्सिटी पहुंचे। कुछ देर रुकने के बाद वह यहां से चले गए।

वहीं सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर का ब्लास्ट से पहले का एक वीडियो सामने आया है। उसने कहा- "लोग आत्मघाती हमलों को ठीक से नहीं समझते।

ये हमले लोकतंत्र के खिलाफ हैं और किसी भी अच्छे समाज में इन्हें सही नहीं ठहराया जा सकता। आत्मघाती हमलों की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हमलावर को लगता है कि उसकी मौत तय है।

इससे वह बहुत खतरनाक हो जाता है। उसे लगता है कि मौत ही उसका आखिरी ठिकाना है। ऐसा सोचना गलत है। यह जीवन, समाज और कानून के खिलाफ है।"

अल-फलाह ट्रस्ट और उससे जुड़े संगठनों की जांच जारी है। वित्त और प्रशासन संभालने वाले प्रमुख लोगों पर भी कार्रवाई की गई है। ट्रस्ट से जुड़ी 9 शेल कंपनियों की जांच हो रही है, जो एक ही पते पर रजिस्टर्ड हैं। शुरुआती जांच में कई संदेह सामने आए हैं, जैसे—

  • बताए गए कारोबारी पते पर कंपनी का कोई वास्तविक दफ्तर नहीं मिला।
  • कई कंपनियों में एक ही मोबाइल नंबर और ईमेल इस्तेमाल हुआ।
  • EPFO/ESIC में कोई रिकॉर्ड नहीं, जबकि कंपनियों का दावा बड़ा ऑपरेशन चलाने का है।
  • डायरेक्टर्स और साइनट्रीज़ कई जगह एक ही व्यक्ति, और KYC में बड़ी खामियां।
  • बैंकिंग चैनलों से बहुत कम वेतन भुगतान, HR रिकॉर्ड भी नहीं मिले।
  • कई कंपनियों की रजिस्ट्रेशन तारीखें, संपर्क नंबर और पता एक जैसा पाया गया।

इसके अलावा, UGC और NAAC मान्यता से जुड़े दावों में भी शुरुआती तौर पर गड़बड़ियां मिली हैं, जिन्हें संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जांचा जा रहा है।