शिक्षा समिति प्रेमनगर ने बदली गांव के सरकारी हाई स्कूल की सूरत 

 
शिक्षा समिति प्रेमनगर ने बदली गांव के सरकारी हाई स्कूल की सूरत 

भिवानी :

यदि हम बात करें कि स्थानीय समुदाय और विद्यालय एक-दूसरे के पूरक है और आपसी सहयोग पर ही दोनों की उन्नति संभव है। यह बात ग्राम शिक्षा समिति प्रेमनगर और प्रेमनगर के सरकारी स्कूल पर फिट बैठती है।

जहां गांव प्रेमनगर की शिक्षा समिति ने लाखों रूपए खर्च करके ना केवल गांव के हाई स्कूल में अनेक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई, वही दूसरी तरफ गांव के हाई स्कूल के अध्यापकों ने पढ़ो और पढ़ाओ का मूलमंत्र लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का प्रयास कर रहे है। जिसकी बदौलत गांव में स्थित राजकीय उच्च विद्यालय जिले के अच्छे विद्यालयों में शुमार है।

बीते दिनों जिला शिक्षा अधिकारी डा. निर्मल दहिया और खंड शिक्षा अधिकारी भिवानी डा. अनिल गौड ने गांव के हाई स्कूल का दौरा किया और शिक्षा समिति के प्रयासों की जमकर सराहना की। दरअसल गत वर्ष गांव के युवा सरपंच राजेश कुमार ने गांव के सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का बीड़ा उठाया और इसके लिए जोगेंद्र सिंह की अध्यक्षता में ग्राम शिक्षा समिति का गठन किया।

उन्होंने स्कूल के सौंदर्यकरण की कमान शिक्षा समिति और गांव के पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा को सौंपी। परिणामस्वरूप गांव के सरकारी हाई स्कूल के दिन फिरते गए। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा जहां-जहां रहे, उन्होंने उन सरकारी स्कूलों की काया पलट दी। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भिवानी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मिताथल को ना केवल मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यकरण में दोनों को खंड व जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार दिलवाया, अपितु विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बीच अनुशासन, समाजसेवा, शिक्षा और संस्कार पैदा करने बारे सराहनीय कार्य किए। वर्तमान में गांव में स्थित सरकारी स्कूल के सौंदर्यकरण में जुटे है।
ये कार्य भी कर रही है शिक्षा समिति
शिक्षा समिति प्रेमनगर गांव के सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने में इनके सौंदर्यकरण, इन्वर्टर-बेटरी, पंखों, इनकी लघु मुरम्मतों के साथ-साथ गांव में प्रत्येक रविवार को स्वच्छता अभियान चलाने, समय-समय पर नशे के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक करने, पौधारोपण करने, पर्यावरण व जल संरक्षण, यातायात नियमों की विद्यार्थियों को जानकारी देने इत्यादि सराहनीय कार्य कर रही है।
क्या कहते है सरपंच राजेश कुमार
सरपंच राजेश कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत और ग्राम शिक्षा समिति प्रेमनगर गांव के सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बारे हर संभव प्रयास कर रही है। हाई स्कूल में 45 लाख रूपये की लागत से इसके प्रांगण को इंटरलॉकिंग किया जा चुका है और समिति द्वारा छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास बारे काफी कदम उठाए गए हैं।
छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है उद्देश्य : रमेश बूरा
शिक्षा समिति प्रेमनगर के संयोजक एवं पूर्व प्राचार्य रमेश बूरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य छात्र-छात्राओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करवाने और वर्ष 2027 के अंत तक गांव के सभी सरकारी स्कूलों की हालत में सुधार करके इनका सौंदर्यकरण करना है।

गांव की शिक्षा समिति शिक्षा में गुणात्मक सुधार के साथ-साथ गांव में स्वच्छता, पौधारोपण, पर्यावरण एवं जल संरक्षण अभियान चला रही है और नशे के खिलाफ ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी डा. निर्मल दहिया ने कहा कि मैने बीते दिनों राजकीय उच्च विद्यालय प्रेमनगर का दौरा किया था। शिक्षा समिति प्रेमनगर ने गांव में हाई स्कूल का जो सौंदर्यकरण किया है, वह सराहनीय है। शिक्षा समिति प्रेमनगर और स्कूल स्टाफ द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए कठिन परिश्रम करने का आश्वासन दिया गया है, इसके लिए उन्हे शुभकामनाएं।