पात्र लोगों को दयालु-द्वितीय योजना का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें: डीसी
भिवानी।
डीसी साहिल गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा अनेक प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, जिसमें दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना के तहत दयालु-द्वितीय योजना भी शुरू की है।
इसमें हरियाणा के निवासियों को लावारिस-आवारा/जंगली पशुओं जैसे गाय, बैल, कुत्ते, नीलगाय, भैंस आदि के काटने-चोट मारने से हुई आकस्मिक मृत्यु/ घायल होने/विकलांगता की स्थिति में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना का उद्देश्य परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत सभी परिवारों को कवर करना है।
डीसी श्री गुप्ता मंगलवार को लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में दयालु-द्वितीय योजना की संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा कर रहे थे।
डीसी ने बताया कि आवारा पशुओं/पशुओं के कारण हुई दुर्घटना/घटना के संबंध में किए गए दावे के लिए भुगतान किए जाने वाले मुआवजे का निर्धारण जिला स्तरीय कमेटी द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु या नार्मानुसार प्रतिशत दिव्यांगता होने पर एक से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
योजना के तहत आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। आवेदक परिवार के पास परिवार पहचान पत्र होना चाहिए। आवेदक परिवार हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि यह योजना एक लाख 80 हजार रूपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को सामाजिक-वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है।
कुत्ते के काटने के मामले में मुआवजे की राशि न्यूनतम 10 हजार रूपए प्रति दांत के निशान पर होगी और जहां मांस त्वचा से अलग हो गया है, कुत्ते के काटने के मामले में यह न्यूनतम 20 हजार रूपए प्रति 0.2 सेमी घाव पर होगी। इसी प्रकार से 12 वर्ष तक आयु के बच्चों के लिए एक लाख रुपए, 12 से 18 वर्ष के लिए दो लाख रुपए, 18-25 वर्ष के लिए तीन लाख, 25 से 45 वर्ष आयु तक के लिए पांच लाख रूपए, 45 वर्ष से अधिक वायु वाले के लिए तीन लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
लाभार्थी/दावेदार को दुर्घटना के 90 दिनों के भीतर सहायता हेतु योजना के ऑनलाइन पोर्टल द्धह्लह्लश्चह्य://स्रड्डश्चह्य4.द्घद्बठ्ठद्धह्म्4.द्दश1.द्बठ्ठ के माध्यम से सभी आवश्यक विवरण और आवश्यक दस्तावेज़ों सहित एक आवेदन पत्र भरकर दावा दायर करना होगा।
इस दौरान जिला सांख्यिकी अधिकारी डॉ. भागीरथ कौशिक ने योजना के बारे में विस्तार से बताया। बैठक में डीडीपीओ सोमबीर कादयान, ईओ राजा राम, एसएचओ ट्रेफिक संजय कुमार डॉ. सुभाष, एमओ डॉ. आशीष तंवर, एसडीई सुनील कुमार, सचिव संदीप, टीएसआई विरेन्द्र सिंह, आदि मौजूद रहे।

