पांच माह बीतने के बाद भी नहीं निकल पाया खेतों में जमा बारिश का पानी 

 
पांच माह बीतने के बाद भी नहीं निकल पाया खेतों में जमा बारिश का पानी 

भिवानी

भारी बारिश को हुए करीबन पांच माह का समय बीत गया,लेकिन अभी भी पानी की बर्बादी का दंश लोग झेल रहे है। हालात ये है कि आसमान से बरसा पानी आज भी खेतों में जमा है। इस माह में कपास की फसल खतम हो चुकी है,लेकिन जलभराव की वजह से आज भी खेतों में रूई युक्त कपास की फसल खड़ी है,पानी की वजह से कपास की चुनाई नहीं हो पाई है।

इस दरम्यान सरकार से जुड़े राजनेताओं ने पानी की निकासी, बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाए जाने के लाख दावे किए,लेकिन इतना समय बीतने के बाद आज तक पीडितों को एक फुटी कौड़ी भी हाथ नहीं लगी। यहां तक कि जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया हुआ था। उन किसानों को भी मुआवजा के नाम पर एक पैसा तक नहीं मिल पाया है। खरीफ फसल पूरी तरह से खतम हो चुकी है और रबी फसल की बिजाई भी नहीं हो पाएगी। ऐसे में किस तरह से धरती पुत्र परिवार का पालन व पोषण कर पाएंगे। 

बता दें कि हालात ये बने है कि हल्का बवानीखेड़ा के गांव लोहारी जाटू के किसान आज भी अपने खेतों तक भी नहीं पहुंच पा रहे है। चूंकि उन खेतों में एक से डेढ-2 फुट तक पानी जमा है। ऐसे में किस तरह से वे अगली फसल की बिजाई कर पाएंगे।?गांव की करीब 2 हजार एकड़ में अभी भी बारिश का पानी जमा है। जिस वजह से कपास के पौधें रूई सहित खेतों में है।

अपनी मेहनत को पानी में देख कर किसान की आंखों में पानी बहने लगता है। खैर अब किसान ने भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। क्योंकि पानी की निकासी हो नहीं पा रही है अब अपने आप ही पानी सूखना शुरू हुआ है। जिसे तस्वीरों में देखा जा सकता है।पानी कम होने के बाद ही खेतों में किसानों के आने व जाने का रास्ता बन पाएगा। 

किसानों ने बताया कि जिस वक्त आसमान से आफत बरसी थी। उस वक्त सरकार ने बर्बाद फसलों के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया। किसानों ने बर्बाद फसलों का पंजीकृत कर दिया। जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया हुआ था। उन किसानों ने कम्पनी से सम्पर्क किया।

उस वक्त सरकारी एजेंसी ने किसानों को मुआवजा  व राहत दिलाए जाने का भरोसा दिलाया था,लेकिन पांच माह का समय बीतने के बाद भी उनको न तो मुआवजा मिल पाया और न ही उनको बीमा क्लेम मिला है। ऐसे में वे किस तरह से किसान अपने परिवार का पालन पोषण कर पाएंगे।वहीँ उन्होंने पानी निकासी व गिरदावरी कर मुआवजा की मांग की है ताकि कुछ भरपाई हो सके।

 वही भिवानी एसडीएम ने बताया कि मामले को लेकर डीसी साहिल गुप्ता के निर्देशानुसार एक कमेटी गठित की गई है तथा जल्द ही पानी निकासी  सुनिश्चित की जाएगी