शेयर बाजार में लौटी रौनक: FIIs ने 10 दिनों में लगाए ₹8,000 करोड़, सेंसेक्स-निफ्टी में भारी उछाल

विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में की जोरदार वापसी। 10 से 21 अप्रैल के बीच ₹8,000 करोड़ का निवेश। जानें क्यों बदला निवेशकों का रुख और बाजार पर इसका असर।

 
दलाल स्ट्रीट न्यूज़

कई महीनों तक लगातार बिकवाली करने के बाद अब विदेशी निवेशकों यानी FIIs का रुख बदलता नजर आ रहा है. हाल के दिनों में उनकी जोरदार खरीदारी ने शेयर बाजार के माहौल को पूरी तरह बदल दिया है. यही वजह है कि दलाल स्ट्रीट पर एक बार फिर सकारात्मक माहौल बनता दिख रहा है.

NSDL के आंकड़ों के मुताबिक, 10 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच FIIs ने 7 में से 6 कारोबारी दिनों में जमकर खरीदारी की. इस दौरान उन्होंने करीब 8,000 करोड़ रुपये का निवेश भारतीय शेयर बाजार में किया. इसमें से लगभग 6,500 करोड़ रुपये सेकेंडरी मार्केट यानी शेयरों की खरीद-बिक्री में लगाए गए, जबकि करीब 1,500 करोड़ रुपये प्राइमरी मार्केट यानी नए इश्यू में निवेश किए गए. यह बदलाव साफ संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे लौट रहा है.

बाजार में तेजी का दौर

FIIs की इस वापसी का असर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही अप्रैल की शुरुआत से अब तक करीब 9% से ज्यादा चढ़ चुके हैं. इतना ही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तो और ज्यादा तेजी देखने को मिली है. BSE MidCap 150 लगभग 14% और BSE SmallCap 250 करीब 17.6% तक उछल चुका है. इससे साफ है कि बाजार में सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि छोटे शेयरों में भी जोश लौट आया है.

अचानक क्यों बदला रुख?

FIIs की इस वापसी ने कई निवेशकों को चौंका दिया है, क्योंकि कुछ समय पहले तक वे लगातार पैसा निकाल रहे थे. इस बदलाव के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं. पहली बड़ी वजह है हालिया गिरावट के बाद शेयरों की कीमतें आकर्षक हो जाना. यानी निवेशकों को अब भारतीय बाजार सस्ता और बेहतर वैल्यू वाला लग रहा है. दूसरी वजह है कंपनियों के मजबूत नतीजे, जो दिखाते हैं कि मुश्किल हालात के बावजूद बिजनेस ग्रोथ बनी हुई है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव, खासकर अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच स्थिति में कुछ नरमी आने से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.

हालांकि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि FIIs की यह खरीदारी लंबे समय तक जारी रहेगी या नहीं. कुछ एक्सपर्ट इसे शॉर्ट टर्म रिकवरी मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि अगर हालात ऐसे ही स्थिर रहे तो विदेशी निवेशक आगे भी पैसा लगाते रह सकते हैं. फिलहाल इतना जरूर है कि FIIs की वापसी ने बाजार में नई जान डाल दी है और निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटी है.