स्थापना दिवस समारोह’’ अग्रवाल वैश्य समाज की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक : अशोक बुवानीवाला

 
स्थापना दिवस समारोह’’ अग्रवाल वैश्य समाज की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक : अशोक बुवानीवाला

चंडीगढ़।

अग्रवाल वैश्य समाज अपनी स्थापना के सोलह वर्ष पूर्ण कर 17वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह अवसर समाज की एक गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है।

ये उद्गार समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने संगठन की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की ऐतिहासिक यात्रा की विस्तृत जानकारी देते हुए कहें।

बुवानीवाला ने कहा कि यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें समर्पण, सेवा, एकता और समाज व राजनीतिक उत्थान की भावना ने अनगिनत मील के पत्थर स्थापित किए हैं।

इन सोलह वर्षों में समाज ने न केवल सामाजिक एकजुटता को मजबूत किया है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, युवाओं के मार्गदर्शन, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा समाजसेवा व राजनीति के क्षेत्र में भी अनेक सराहनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। अब समय है इस यात्रा की सफलता का उत्सव 17वें स्थापना दिवस के रूप में मनाने का और उन सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और शुभचिंतकों को सम्मान देने का, जिनकी निष्ठा और सहयोग से अग्रवाल वैश्य समाज निरंतर नई ऊँचाइयों को छू रहा है।

उन्होंने कहा कि 30 नवम्बर 2025 (रविवार) को प्रात: 10:30 बजे ग्रेस होटल, अम्बाला रोड़, नजदीक विश्वकर्मा चौक, कैथल में आयोजित होने वाला इस स्थापना दिवस समारोह में प्रदेशभर के वैश्य समाज की उपस्थिति इस आयोजन की शोभा को चार चाँद लगाएगी और हमारे उत्साह को दोगुना करेगी। संगठन की स्थापना के ऐतिहासिक पलों को याद करते हुए अशोक बुवानीवाला ने कहा कि सत्ता में भागीदारी के संकल्प के साथ अस्तित्व में आए अग्रवाल वैश्य समाज का गठन दिनांक 22 नवम्बर 2009 को ऐतिहासिक नगरी पानीपत में हुआ था।

अग्रवाल वैश्य समाज प्रदेश का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है जिसका उद्देश्य वैश्य समाज को संगठित कर राजनीति में समुचित भागीदारी करना है। आज प्रदेशभर में यह संगठन अपनी एक अलग पहचान बनाएं हुए है। संगठन द्वारा वैश्य समाज के स्वाभिमान को जगाने, अनिवार्य मतदान एवं राजनीतिक भागीदारी के संकल्प के साथ अनेक आयोजन किए जा चुके हैं। अग्रवाल वैश्य समाज आज महिला, युवा, छात्र एवं अन्य इकाईयों के सहयोग से निरंतर वैश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी के प्रण को जिंदा रखे हुए है और वैश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी के प्रति संकल्पबद्ध है।

उन्होंने आगे कहा कि इस वर्ष का स्थापना दिवस विशेष रहेगा क्योंकि इसमें न केवल समाज की उपलब्धियों का प्रदर्शन होगा, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने सभी वैश्य बंधुओं से अपील की कि वे 30 नवम्बर को परिवार सहित कार्यक्रम में अवश्य पहुंचे और समाज की इस प्रेरणादायी यात्रा का हिस्सा बनें।