अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत हनुमान जोहड़ी मंदिर से निकाली गीता प्रेरणा परिक्रमा
भिवानी :
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में छोटी काशी के नाम से विख्यात भिवानी नगरी पूरी तरह से आध्यात्म के रंग में रंगी नजर आ रही है। यहां युवा जागृति एवं जनकल्याण मिशन ट्रस्ट के तत्वावधान में 21 दिवसीय भव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में हनुमान ढ़ाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर से एक विशाल गीता प्रेरणा परिक्रमा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस 21 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य और मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
वहीं कार्यक्रम का नेतृत्व बालयोगी महंत चरणदास महाराज कर रहे हैं। कार्यक्रम की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए हनुमान जोहड़ी मंदिर प्रांगण से गीता प्रेरणा परिक्रमा का शुभारंभ हुआ। बालयोगी महंत चरणदास महाराज के नेतृत्व में निकली इस परिक्रमा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
हाथों में ध्वज और जुबां पर जय श्री कृष्णा के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने नगर की परिक्रमा की, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर बालयोगी महंत चरणदास महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गीता के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह मानव मात्र के लिए जीवन जीने की एक संपूर्ण कला है। आज के तनावपूर्ण वातावरण में, जब युवा पीढ़ी दिशाहीन हो रही है, तब गीता के उपदेश ही उन्हें सही मार्ग दिखा सकते हैं। भगवान श्री कृष्ण का संदेश हमें कर्म करने और फल की चिंता न करने की प्रेरणा देता है, जो मानसिक शांति का आधार है।
उन्होंने कहा कि गीता प्रेरणा परिक्रमा का उद्देश्य जन-जन तक भगवान के संदेश को पहुंचाना है। परिक्रमा के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया गया। इस अवसर पर अनेक श्रद्धालुगण मौजूद रहे।

