Gold Investment Trend: सोने की ऊंची कीमतों का असर, हल्के गहनों और डिजिटल गोल्ड की तरफ बढ़ा भारतीय परिवारों का रुझान

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच दशहरा-दिवाली पर कैसे बदल रहा है भारतीयों का खरीदारी का तरीका? जानिए गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड और एक्सपर्ट्स की राय।

 
Ashish Rajodia PL Capital

भारतीय परिवारों के लिए सोना हमेशा से निवेश और त्योहारों की खुशियों का अहम हिस्सा रहा है। हालांकि, सोने की ऊंची कीमतों ने लोगों के खरीदारी करने के तरीके में बदलाव ला दिया है। इस दशहरा, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में कुछ परिवार हल्के गहने चुन रहे हैं, तो वहीं कई लोग सोने के सिक्के, बार और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) या डिजिटल गोल्ड की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। हाल ही में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड स्तर से कुछ गिरावट आई है, जिसके बाद खरीदार यह टटोल रहे हैं कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या कीमतों में और नरमी आ सकती है।

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आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में गोल्ड ETF में 2,596.70 करोड़ रुपए का शानदार नेट इनफ्लो आया है, जिससे कुल एसेट (AUM) बढ़कर करीब 1.91 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है। इसके अलावा, डिजिटल गोल्ड की खरीद में भी सालाना आधार पर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके विपरीत, फिजिकल डिमांड में कुछ सुस्ती आई है और अगस्त में भारत का सोने का आयात काफी कम रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस त्योहारी सीजन में भारतीयों के सोने के प्रति प्रेम में कमी नहीं आई है, बल्कि वे पारंपरिक भारी गहनों के साथ-साथ अपनी संपत्ति को सुरक्षित रूप से निवेश करने के नए और स्मार्ट तरीकों पर ज्यादा फोकस कर रहे हैं।