गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर पूजा बोहरा का भिवानी पहुंचने पर स्वागत
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आयोजित 9वीं एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2025 में स्वर्ण पदक जीतकर भिवानी लौटी पूजा रानी बोहरा का जोरदार स्वागत किया। घर पहुंचते ही वह अपनी मां के गले लगी और मां ने उसका मुंह मीठा करवाया और फूल माला के साथ स्वागत किया।
इस दौरान काफी लौग मौजूद रहे, जिन्होंने पूजा बोहरा का स्वागत किया। वहीं घर में काफी खुशी का माहौल है। 4 से 10 जनवरी तक हुई इस चैंपियनशिप में अपनी प्रतिद्वद्वी को एकतरफा मुकाबलों हराते हुए गोल्ड मेडल जीता है। इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने के बाद देश के पहली महिला बॉक्सर बन गई हैं, जिनके नाम 10 सीनियर राष्ट्रीय खिताब हैं।
पूजा बोहरा ने बताया कि उनकी राष्ट्रीय यात्रा में 2011, 2012, 2013, 2015, 2017, 2018, 2021, 2023 और 2024 में स्वर्ण पदक शामिल हैं, जो 2025 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रिकॉर्ड तोड़ 10वें खिताब के साथ आगे भी जारी है। अपनी निरंतरता, जुझारूपन और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए जानी जाने वाली पूजा ने वर्षों से राष्ट्रीय सर्किट पर अपना वर्चस्व बनाए रखा है। 2009 में सीनियर स्तर पर पदार्पण करने के बाद से, पिछले 17 वर्षों में उन्होंने हर एक वर्ष राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता है, जो उनके अनुशासन का असाधारण प्रमाण है।
वर्तमान में भारतीय महिला एलीट टीम की सबसे वरिष्ठ सक्रिय मुक्केबाज पूजा रानी राष्ट्रीय एलीट सेटअप में एकमात्र सक्रिय विवाहित महिला मुक्केबाज भी हैं। उनकी मुक्केबाजी यात्रा 2009 में शुरू हुई, जब भिवानी के आदर्श महिला महाविद्यालय में पढ़ाई के दौरान उनकी शिक्षिका मुकेश श्योराण ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। इसके बाद उन्हें कैप्टन हवा सिंह बॉक्सिंग अकादमी में कोच संजय श्योराण से परिचित कराया गया, जहां उनकी क्षमता को सहेजते हुए निरंतर उत्कृष्टता में ढाला गया।
सीनियर राष्ट्रीय खिताबों की अधिकतम संख्या के पुरुष और महिला दोनों रिकॉर्ड एक ही कोचिंग परंपरा से जुड़े हैं। संजय श्योराण के पिता अर्जुन व द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित पुरुष वर्ग में 11 राष्ट्रीय खिताबों के साथ रिकॉर्ड धारक हैं, जबकि उनकी शिष्या पूजा रानी अब महिला वर्ग में 10 राष्ट्रीय खिताबों के साथ सर्वोच्च स्थान पर हैं।

