पानीपत में 8 करोड़ का GST घोटाला 

 
पानीपत में 8 करोड़ का GST घोटाला 

पानीपत जिले में GST धोखाधड़ी और साइबर अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला उद्यमी की बंद पड़ी फर्म का डेटा हैक कर कुछ लोगों ने करीब 8.01 करोड़ रुपए का फर्जी टर्नओवर दिखा दिया।

इसमें 700 से अधिक फर्जी बिल काट दिए। पुलिस ने महिला की शिकायत और पुख्ता सबूतों के आधार पर हिमांशु, हर्ष, अर्पित समेत 5 लोगों के खिलाफ मॉडल टाउन थाने में FIR दर्ज की है।

पानीपत में शुगर मिल कॉलोनी में रहने वाली सुशीला देवी ने पुलिस कप्तान (SP) को दी शिकायत में बताया कि वह 'राज एंड संस' नाम से प्लास्टिक रीसाइकिलिंग की फर्म चलाती थीं।

घाटे के कारण 2023 में उसकी फर्म बंद हो गई थी। मार्च 2025 में, बेटे के दोस्त सचिन के माध्यम से उनकी मुलाकात हिंमाशु शर्मा से हुई, जिसने खुद को CA का जानकार बताकर फर्म की देखरेख और 'निल' (Nil) रिटर्न भरने की जिम्मेदारी ली।

शिकायत के मुताबिक, 30 नवंबर 2025 को एक मुलाकात के दौरान आरोपी हर्ष और हिमांशु ने स्वीकार किया कि उन्होंने ही ID हैक कर बिल काटे हैं। जब पीड़िता के बेटे ने विरोध किया, तो नीरज राणा नामक व्यक्ति ने गुंडों और लाठी-डंडों के साथ आकर जान से मारने की धमकी दी और कहा कि उनके संबंध बड़े अधिकारियों से हैं।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध रिकॉर्डिंग (डिजिटल सबूत) को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 318(4) धोखाधड़ी (Cheating), धारा 336(3)/340(2) जालसाजी और दस्तावेज संबंधी अपराध और IT एक्ट 66(C)/72 पहचान चोरी और गोपनीयता भंग करना शामिल है।

सुशीला देवी ने बताया कि इन फर्जी बिलों का इस्तेमाल PWD, नगर निगम पानीपत, HSVP और सिंचाई विभाग जैसे सरकारी महकमों में पेमेंट लेने के लिए किया गया है। पुलिस अब इन 27 कंपनियों के रिकॉर्ड खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि क्या सरकारी राजस्व को चूना लगाने में विभागों के अधिकारियों की भी मिलीभगत है।

महिला ने कहा कि यह एक संगठित आर्थिक अपराध है। आरोपियों ने न केवल उसकी पहचान चुराई, बल्कि उसको करोड़ों की लायबिलिटी में धकेल दिया। उसके पास उनकी स्वीकारोक्ति की रिकॉर्डिंग और चैट मौजूद हैं।