National Youth Athletics Championship 2026: मानहेरू की बेटी गुंजन जांगड़ा ने हाई जंप में जीता सिल्वर मेडल, गांव में भव्य स्वागत

मानहेरू की गुंजन जांगड़ा ने नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5.6 फीट ऊंची कूद लगाकर जीता सिल्वर मेडल।
 
high jump national medallist

 

नेशनल यूथ एथलेटिक्स में मानहेरू की बेटी गुंजन जांगड़ा ने रचा इतिहास

मानहेरू की गुंजन जांगड़ा ने 5.6 फीट ऊंची कूद लगाकर जीता सिल्वर मेडल, गांव में हुआ स्वागत

भिवानी, 07 सितंबर : खेल नगरी भिवानी की खेल प्रतिभाओं ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है। भिवानी जिले के गांव मानहेरू की होनहार एथलीट गुंजन जांगड़ा ने पंजाब के लुधियाना में आयोजित 21वीं नेशनल यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में दूसरा स्थान हासिल किया और सिल्वर मेडल जीतकर अपने गांव व पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। गुंजन ने इस प्रतियोगिता की ऊंची कूद स्पर्धा में 5.6 फीट ऊंची छलांग लगाकर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया।

पदक जीतने के बाद गुंजन के पैतृक गांव मानहेरू पहुंचने पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। नागरिक अभिनंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, मातृशक्ति और युवा शामिल हुए। उपस्थित गणमान्य लोगों व परिजनों ने बेटी को नोटों की माला पहनाकर और आशीर्वाद देकर सम्मानित किया। बेटी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सरपंच सतीश सिंह ने गुंजन जांगड़ा का सम्मान करते हुए 5100 की सम्मान राशि से सम्मानित किया। गुंजन के पिता संजय जांगड़ा और दादा धर्मवीर जांगड़ा व लक्ष्मी नारायण ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि गुंजन बचपन से ही बेहद मेहनती, अनुशासित और खेल के प्रति समर्पित रही है। उसने दिन-रात मैदान पर पसीना बहाया है। आज उसकी इस उपलब्धि ने केवल हमारे परिवार का ही नहीं, बल्कि समूचे क्षेत्र और हरियाणा प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। हमें पूरा विश्वास है कि वह आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतकर तिरंगा लहराएगी।

 समारोह में उपस्थित परिजनों सुखवीर, मुकेश, सतपाल तथा सरपंच सतीश सिंह और अन्य गणमान्य लोगों ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि की बेटियां जब संसाधनों की कमी के बावजूद राष्ट्रीय पटल पर चमकती हैं, तो वे पूरे समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन जाती हैं। समारोह में गुंजन की इस कामयाबी के पीछे उनके प्रशिक्षकों पवन कोच और विक्रम मोगली (कोच) की कड़ी मेहनत और तकनीकी मार्गदर्शन की भी सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि सही मार्गदर्शन और खिलाड़ी के अटूट हौसले के बल पर कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।

 इस अवसर पर कैप्टन विजय सिंह, सुजान सिंह परमार, सूबेदार मेजर रामोतार स्वामी, सूबेदार राजेन्द्र पंघाल, सरपंच सतीश सिंह, विनोद स्वामी, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर समिति मानहेरू के सदस्य तथा आसपास के गांवों के गणमान्य नागरिकों के साथ भारी संख्या में महिलाएं व युवा मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बेटी गुंजन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।