Gurugram Traffic & Rain Alert: बारिश के बाद गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम से बुरा हाल, नगर निगम सदन की बैठक स्थगित

गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर भारी जलभराव। ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए पुलिस ने WFH की अपील की और नगर निगम ने बैठक स्थगित की।

 
गुरुग्राम मौसम समाचार

गुरुग्राम: गुरुग्राम में बुधवार सुबह करीब चार बजे से शुरू हुई लगातार बारिश ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी. कई प्रमुख सड़कों, चौराहों और निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कार्यालय समय के दौरान सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी देखने को मिली.

पुलिस की WFH की अपील: बारिश और ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने निजी और कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने कंपनियों से अपील की है कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को Work From Home की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे. पुलिस का मानना है कि इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा.

"जरूरी होने पर ही घरों से निकलें": वहीं, गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने कहा कि, "लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. यदि कार्यालयों में Work From Home की व्यवस्था अपनाई जाती है तो ट्रैफिक का दबाव कम होगा और जाम की समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा. मेरी लोगों से अपील है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से निकलें और ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें."

नगर निगम ने सदन की बैठक की स्थगित: इधर, भारी बारिश को देखते हुए गुरुग्राम नगर निगम ने गुरुवार को प्रस्तावित सदन की बैठक स्थगित कर दी है. निगम प्रशासन ने अधिकारियों को फील्ड में रहकर जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने और पानी की निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता जलभराव प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करना और शहर की यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना है.

प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील: प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान सावधानी बरतें, जलभराव वाले मार्गों से बचें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें. अधिकारियों का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक सभी संबंधित विभाग लगातार निगरानी और राहत कार्य में जुटे रहेंगे.