Food Safety News: त्योहारों पर जनता की सेहत से खिलवाड़ नहीं, 1288 सैंपल लिए गए; 30 नमूने उपभोग के लिए असुरक्षित

हरियाणा में दिवाली पर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलाकर 50 हजार किलो नकली पनीर व मिठाई नष्ट की गई है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
 
Haryana Food Safety Department Fake Sweets

हरियाणा में दिवाली के पावन त्योहार पर प्रदेशवासियों को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर अभियान चलाकर अब तक 50 हजार किलोग्राम मिलावटी मिठाइयां और नकली पनीर को जब्त कर नष्ट कराया गया है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग को मिलावट के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ ताबड़तोड़ और सख्त कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

📋 1 अक्टूबर से चल रहा विशेष निरीक्षण अभियान: 1,288 नमूनों की जांच में 30 सैंपल पाए गए असुरक्षित

निरीक्षण और प्रयोगशाला जांच के आंकड़े:

  • विशेष निरीक्षण अभियान: आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के विशेष निर्देशों पर गत 1 अक्टूबर से पूरे प्रदेशभर में सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है।

  • लिए गए सैंपल: इस अभियान के दौरान मिठाई, खोया, दूध, पनीर और अन्य प्रमुख खाद्य पदार्थों के कुल 1,288 नमूने संग्रहित किए गए हैं। इनमें से 861 नमूनों की लैब जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

  • गुणवत्ता में फेल नमूने: जांच रिपोर्ट में 170 नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 140 नमूने घटिया गुणवत्ता के पाए गए, जबकि 30 नमूने सीधे तौर पर मानव उपभोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित घोषित किए गए। विभिन्न जिलों में छापेमारी कर करीब 50 हजार किलो दूषित सामग्री नष्ट की गई।

💻 मिलावटखोरों के नाम FDA पोर्टल पर होंगे अपलोड; मिठाई के डिब्बों पर लिखना होगा घी या तेल का ब्योरा

शासन के नए नियम और निगरानी व्यवस्था:

  • पोर्टल पर सार्वजनिक होंगे नाम: स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि जांच में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचते पाए गए दुकानदारों और विक्रेताओं के नाम व पते 'एफडीए हरियाणा' के आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से अपलोड किए जा रहे हैं।

  • वाहन और सीमाओं पर पहरा: पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। राज्य की सीमाओं और प्रमुख हाईवे पर खाद्य पदार्थों की सप्लाई करने वाले वाहनों की विशेष जांच हो रही है, साथ ही मिठाइयों में हानिकारक व प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

  • अनिवार्य लेबलिंग: सरकार ने मिठाई की दुकानों, रेस्तरां और मिठाई के डिब्बों पर यह स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य कर दिया है कि अमुक मिठाई शुद्ध देसी घी से तैयार की गई है या फिर खाद्य तेल (रिफाइंड) से।

  • लैब और मोबाइल परीक्षण: करनाल और चंडीगढ़ स्थित खाद्य प्रयोगशालाओं (Food Labs) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नमूनों की जांच रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर सौंपें। इसके अलावा मौके पर ही तुरंत जांच के लिए 5 मोबाइल खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं भी तैनात की गई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने आम जनता से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जागरूक रहें तथा मिलावट का संदेह होने पर संबंधित पोर्टल या ईमेल के माध्यम से तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराएं।