हरियाणा डिजिटल कवच: साइबर सुरक्षा मजबूत करने के लिए सरकार का बड़ा कदम
हरियाणा सरकार ने 'हरियाणा डिजिटल कवच' पहल के तहत साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। सरकारी डेटा और नागरिकों की सुरक्षा पर बढ़ा जोर।
चंडीगढ़: सीएम नायब सिंह सैनी द्वारा वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित 'हरियाणा डिजिटल कवच' पहल को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग (डाइटेक) व सिटिजन रिसोर्सेज इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (सीआरआईडी) ने भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी) के सहयोग से चंडीगढ़ में राज्यस्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के डेटा और डिजिटल अवसंरचना की साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाना रहा।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डाइटेक के निदेशक समवर्तक सिंह खांगवाल ने कहा कि डिजिटल गवर्नेस के तेजी से विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सुशासन और नागरिक सेवाओं का आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकारी डिजिटल प्रणालियों और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, उभरती तकनीकों का उपयोग, क्षमता निर्माण तथा सक्रिय सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा डिजिटल कवच के तहत सभी सरकारी विभागों के लिए 24×7 थेट इंटेलिजेंस, साइबर घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया, अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन व नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित किए जाएंगे। इससे राज्य की साइबर सुरक्षा प्रणाली अधिक मजबूत होगी और सरकारी डेटा के साथ-साथ नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी भी सुरक्षित रहेगी।
कार्यशाला में उभरते साइबर खतरे, डेटा गवर्नेस, सरकारी संस्थानों की साइबर सुरक्षा, बिजली क्षेत्र की सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) फ्रेमवर्क, सुरक्षा मानकों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षित आईटी अवसंरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण और जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

