- डीएसआर मशीन से धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 4500 रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि
- किसान को डीएसआर मशीन खरीदने पर मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान या अधिकतम 40 हजार रुपए
May 26, 2026, 14:55 IST
भिवानी, 26 मई। खरीफ सीजन-2026 में किसानों के लिए धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) योजना के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। डीएसआर तकनीक अपनाने वाले किसानों को 4500 रुपए प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही डीएसआर मशीन खरीदने पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपए तक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक किसान 15 जून तक पंजीकरण करवा सकता है।
सहायक कृषि अभियंता नसीब धनखड़ ने बताया कि धान की सीधी बिजाई प्रदर्शन योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 15 जून 2026 तक पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। योजना के तहत प्रति किसान क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है तथा लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है। इससे भूजल स्तर को बचाने में भी मदद मिलती है। विभाग के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा खरीफ-2026 सीजन में राज्यभर में 600 डीएसआर मशीनें अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा मक्का बिजाई मशीन पर भी 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इच्छुक किसान विभाग की वेबसाइट एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उप कृषि निदेशक डा. विनोद फोगाट ने बताया कि डीएसआर तकनीक में प्रति एकड़ लगभग आठ किलोग्राम बीज पर्याप्त रहता है। धान के स्थान पर कम पानी वाली फसलें जैसे मक्का, कपास, अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, सोयाबीन, तिल तथा सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को आठ हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा। इसके अतिरिक्त दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को दो हजार रुपए प्रति एकड़ बोनस भी दिया जाएगा। योजना के तहत पंजीकरण प्रक्रिया 20 मई 2026 से शुरू हो चुकी है तथा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले किसान ही योजना के पात्र होंगे।
सहायक कृषि अभियंता नसीब धनखड़ ने बताया कि धान की सीधी बिजाई प्रदर्शन योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए इच्छुक किसानों को मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 15 जून 2026 तक पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। योजना के तहत प्रति किसान क्षेत्रफल की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है तथा लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डीएसआर तकनीक पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है। इससे भूजल स्तर को बचाने में भी मदद मिलती है। विभाग के अनुसार हरियाणा सरकार द्वारा खरीफ-2026 सीजन में राज्यभर में 600 डीएसआर मशीनें अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके अलावा मक्का बिजाई मशीन पर भी 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इच्छुक किसान विभाग की वेबसाइट एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
उप कृषि निदेशक डा. विनोद फोगाट ने बताया कि डीएसआर तकनीक में प्रति एकड़ लगभग आठ किलोग्राम बीज पर्याप्त रहता है। धान के स्थान पर कम पानी वाली फसलें जैसे मक्का, कपास, अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, सोयाबीन, तिल तथा सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को आठ हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान मिलेगा। इसके अतिरिक्त दलहन, तिलहन और कपास की खेती करने वाले किसानों को दो हजार रुपए प्रति एकड़ बोनस भी दिया जाएगा। योजना के तहत पंजीकरण प्रक्रिया 20 मई 2026 से शुरू हो चुकी है तथा मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाने वाले किसान ही योजना के पात्र होंगे।

