हरियाणा शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों का हल्लाबोल 

 
हरियाणा शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों का हल्लाबोल 

भिवानी:

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब कर्मचारी संगठन-1016 (संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ) ने बोर्ड प्रशासन की शोषकारी नीतियों और अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को द्वार सभा का आयोजन किया।

कर्मचारियों ने ना केवल प्रशासन के रवैये की निंदा की, बल्कि दो टूक शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए 16 जनवरी से भूख हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। सभा की अध्यक्षता प्रधान सत्यवीर स्वामी ने की, जबकि मंच का संचालन महासचिव सोमवीर पूनिया ने किया।
      बैठक के दौरान महासचिव ने प्रशासन के उस फैसले का कड़ा विरोध किया जिसमें उत्तरपुस्तिका मुद्रण का कार्य पुरानी पद्धति के अनुसार प्रकाशन शाखा को नहीं सौंपा जा रहा है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर भी भारी रोष है कि जायज मांगें मानने के बजाय प्रशासन दमनकारी नीति अपना रहा है। संगठन के प्रधान को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस की कड़े शब्दों में निंदा की गई। वरिष्ठ उप प्रधान देवेन्द्र श्योराण ने इसे प्रशासन की कमजोर मानसिकता और कर्मचारियों की आवाज दबाने वाली ओछी हरकत करार दिया।
    मंच के माध्यम से संगठन नेताओं ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा-2024 को लेकर राजनीतिक नेताओं द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का प्रैस वार्ता करते हुए खंडन करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बोर्ड के मुखिया होने के नोत उनकी यह नैतिक जिम्मेवारी बनती है कि बोर्ड के खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहों का तथ्यों सहित जवाब दे। इसके अलावा यह भी मांग की कि इसकी निष्पक्ष जांच हो, ताकि बोर्ड की छवि धूमिल ना हो। साथ में मंच से प्रशासन को चेताया कि बोर्ड कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलयमान रखा जाए, अर्थात किसी प्रकार की अनावश्यक दखलअंदाजी या अनियमित्ता ना बरती जाए।
     इस मौके पर प्रधान सत्यवीर स्वामी उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड में सचिव स्थायी तौर पर नहीं बैठते, जिसके चलते कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न कार्य अधर में लटके रहते है, जिसके कारण कर्मचारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा परीक्षा संबंधी कार्य भी बाधित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि अगले दो दिनों के भीतर कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं किया गया और दमनकारी नोटिस वापस नहीं लिए गए तो बोर्ड के सभी कर्मचारी 16 जनवरी से सामूहिक आंदोलन शुरू करेंगे और भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान होने वाले किसी भी व्यवधान की पूरी जिम्मेदारी बोर्ड प्रशासन की होगी।
      इस मौके पर वरिष्ठ पदाधिकारी जोगेंद्र, अशोक लांबा, अरुण, सोनू, अशोक पिलानिया, भारतदीप, अनूप खेदड़, अमनदीप, संदीप जांगड़ा, संदीप शर्मा, सत्येंद्र और कुलदीप सहित संगठन के सभी प्रमुख सदस्य मौजूद रहे।