श्रुति चौधरी, किरण चौधरी और चौधरी धर्मबीर सिंह की लगातार पैरवी लाई रंग, लंबित फसल मुआवजा मामले में किसानों के पक्ष में आया फैसला
 

भिवानी, तोशाम और लोहारू के किसानों के वर्ष 2023 के लंबित फसल मुआवजे पर आया बड़ा फैसला। कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी और सांसदों के प्रयासों से मिली राहत। जानें पूरी खबर।

 
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राहत

तोशाम/भिवानी, 04 जून।
तोशाम, भिवानी, लोहारू, चरखी दादरी एवं बाढ़ड़ा क्षेत्र के किसानों के वर्ष 2023 से लंबित फसल मुआवजे के मामले में किसानों के पक्ष में फैसला आने के बाद क्षेत्र में खुशी की लहर है। किसानों और क्षेत्रवासियों का मानना है कि इस मुद्दे को लेकर केबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी, पूर्व राज्यसभा सांसद किरण चौधरी तथा लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह द्वारा लगातार किए गए प्रयासों और प्रभावी पैरवी ने इस सकारात्मक परिणाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने विधानसभा में लगातार किसानों के लंबित फसल मुआवजे का मुद्दा उठाते हुए प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं र किरण चौधरी ने राज्यसभा, केंद्र सरकार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा विभिन्न जनमंचों पर किसानों की आवाज को मजबूती से उठाया। लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने भी लोकसभा में वर्ष 2023 के लंबित फसल मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाकर केंद्र सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की। तीनों जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर किए गए सतत प्रयासों से यह मामला लगातार सरकार के संज्ञान में बना रहा।

किरण चौधरी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर किसानों की पीड़ा से अवगत कराया तथा लंबित फसल मुआवजे के शीघ्र समाधान की मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष भी कई बार यह विषय उठाते हुए प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने का आग्रह किया। किसानों के हितों को लेकर उनके द्वारा लगातार किए गए प्रयासों को क्षेत्र के किसान इस निर्णय का महत्वपूर्ण आधार मान रहे हैं।

इस मांग को लेकर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली स्थित आवास पर राज्यसभा सांसद किरण चौधरी एवं लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया था। इसके बाद दोनों सांसदों ने किसानों की मांगों को संबंधित स्तरों पर प्रभावी ढंग से उठाया और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।

गत दिनों तोशाम में आयोजित मुख्यमंत्री की प्रगति रैली के दौरान भी राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने हजारों लोगों की मौजूदगी में किसानों के लंबित फसल मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करने तथा उनके साथ न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। किरण चौधरी ने स्पष्ट कहा था कि किसानों का हक उन्हें हर हाल में मिलना चाहिए और लंबे समय से लंबित इस मामले का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी संबंधित अधिकारियों को मामले के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए थे।

जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि वर्ष 2023 के फसल मुआवजे से जुड़े पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जानी चाहिए। यदि किसी बीमा कंपनी अथवा संबंधित एजेंसी द्वारा किसानों के अधिकारों का हनन किया गया है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। किसानों द्वारा लगातार यह आरोप लगाया जाता रहा है कि शेमा कंपनी किसानों का वैध मुआवजा रोककर चली गई। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों एवं संस्थाओं की जवाबदेही तय की जानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी किसान को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि यह हजारों किसान परिवारों के धैर्य, संघर्ष और न्याय की जीत है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका पूरा हक मिलना चाहिए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता, धोखाधड़ी अथवा घोटाले के तथ्य सामने आते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

क्षेत्र के किसानों का मानना है कि श्रुति चौधरी, किरण चौधरी और चौधरी धर्मबीर सिंह द्वारा विधानसभा, संसद और सरकार के समक्ष लगातार उठाई गई आवाज तथा किसानों के हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप यह मामला सकारात्मक निष्कर्ष तक पहुंच सका है। किसानों ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय और अधिकार की जीत बताया है।