हरियाणा में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा, 30 मई को 6 ऐतिहासिक स्थलों पर होगी हैरिटेज एंड सिटी वॉक
 

 डॉ. अरविंद शर्मा ने लॉन्च किया हैरिटेज वॉक पोस्टर, युवाओं को विरासत से जोड़ने की पहल
 
 
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हरियाणा की विरासत को नई पहचान देने की दिशा में सरकार गंभीर, पर्यटन स्थलों पर 100 करोड़ से अधिक खर्च : डॉ. अरविंद शर्मा
 
चंडीगढ़ — हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया बंधुओं को संबोधित करते हुए  बताया कि 30 मई 2026 को प्रदेश में दूसरी हैरिटेज एंड सिटी वॉक 2026 आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा ‘आओ चलें अपनी विरासत के साथ’ मुहिम के तहत 30 मई, शनिवार को सुबह 6 बजे से 8 बजे तक प्रदेश के छह प्रमुख स्थलों पर दूसरी हैरिटेज एंड सिटी वॉक आयोजित की जाएगी।इस अवसर पर उन्होंने हैरिटेज एंड सिटी वॉक के लिए विशेष ब्रोशर का भी विमोचन किया।
 
 उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं, विद्यार्थियों और महिलाओं को हरियाणा की समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से जोड़ना है, ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों को समझ सके तथा उनसे प्रेरणा प्राप्त कर सके।
 
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरियाणा की विरासत को संरक्षित करने, उसका जीर्णोद्धार करने और उसे पर्यटन के रूप में विकसित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विरासत स्थलों और पर्यटन स्थलों के विकास, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा रही है। सरकार की सोच केवल ऐतिहासिक भवनों और स्थलों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन, विशेषकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
 
 क्यूआर कोड और वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा, मौके पर भी करवा सकेंगे रजिस्ट्रेशन
 
डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि इससे पहले पहली बार 27 सितंबर 2024 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हैरिटेज वॉक का आयोजन किया गया था, जिसे लोगों का उत्साहजनक समर्थन मिला। इसी सफलता को देखते हुए अब दूसरी हैरिटेज एंड सिटी वॉक आयोजित की जा रही है और भविष्य में प्रत्येक माह इस प्रकार की वॉक आयोजित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रदेश की विरासत से जुड़ सकें और विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।
 
उन्होंने बताया कि हैरिटेज एंड सिटी वॉक में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को क्यूआर कोड के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। इसकी पूरी जानकारी और पंजीकरण संबंधी विवरण वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा इच्छुक लोग मौके पर पहुंचकर भी अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रति व्यक्ति 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसमें पानी, चाय, कॉफी, टोपी तथा अल्पाहार उपलब्ध कराया जाएगा। सभी स्थानों पर हैरिटेज गाइड की व्यवस्था भी की गई है, जो प्रतिभागियों को संबंधित स्थलों के इतिहास और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
 
पिंजौर, मोरनी, कुरुक्षेत्र, सूरजकुंड, रेवाड़ी और बल्लभगढ़ में होगी हैरिटेज एंड सिटी वॉक
 
डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि इस बार प्रदेश के छह प्रमुख स्थलों को हैरिटेज एंड सिटी वॉक के लिए चिन्हित किया गया है। पंचकूला जिले के पिंजौर में यादवेंद्र गार्डन, गुरुद्वारा मंजी साहिब, भीमा देवी मंदिर स्थल संग्रहालय, धारामंडल पिंजौर और प्राकृतिक बावड़ी का भ्रमण कराया जाएगा। मोरनी क्षेत्र में ऐतिहासिक मोरनी किले का भ्रमण कराया जाएगा। कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर तीर्थ स्थल, सरोवर, विराट स्वरूप तथा महाभारत अनुभव केंद्र संग्रहालय का भ्रमण कराया जाएगा। फरीदाबाद के सूरजकुंड क्षेत्र में सूरजकुंड जलाशय से असोला-भाटी वन्यजीव अभयारण्य तक भ्रमण कराया जाएगा। रेवाड़ी में सैंडपाइपर पर्यटक परिसर से बड़ा तालाब तक तथा बल्लभगढ़ में राजा नाहर सिंह महल से रानी की छतरी तक भ्रमण कराया जाएगा।
 
उन्होंने विशेष रूप से महाभारत अनुभव केंद्र का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केंद्र विद्यार्थियों और युवाओं को महाभारत काल, भारतीय संस्कृति और इतिहास को आधुनिक माध्यमों से समझने का अवसर प्रदान करता है। यहां आने वाले युवाओं और छात्रों को भारतीय सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक घटनाओं को अनुभव के माध्यम से जानने और समझने का अवसर मिलेगा।
 
डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की हैरिटेज वॉक का उद्देश्य केवल भ्रमण कराना नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और परंपराओं से जोड़ना है, ताकि उन्हें सीखने, समझने और अपनी जड़ों को जानने का अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों, युवाओं और महिलाओं में इतिहास और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ेगी और उन्हें प्रेरित किया जाएगा कि वे अपनी धरोहर को जानें और उसके संरक्षण में भागीदारी निभाएं।
 
उन्होंने कहा कि सरकार पिंजौर, कालका और तीतरताल जैसे क्षेत्रों को भी पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर रही है, ताकि प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है, जिसके तहत पिंजौर, मानेसर और खरखौदा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, जिससे हरियाणा को पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी। इस अवसारः पर हरियाणा पर्यटन निगम की महाप्रबंध