मुख्यमंत्री नायब सिंह ने जापान के निवेशकों को दिया प्रदेश में पार्टनरशिप का निमंत्रण

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने नई दिल्ली में इंडो जापान कॉन्क्लेव को किया संबोधित

मुख्यमंत्री ने कहा, भारत और जापान के संबंध विश्वास, अनुशासन, सौहार्द व परम्परा के प्रति सम्मान, उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के साझा मूल्यों पर आधारित

 
गुरुग्राम ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट

चंडीगढ़, 22 मई - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और जापान के बीच वर्षों से मजबूत राजनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी रही है। नेक्स्ट जनरेशन इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम तैयार करने के लिए जापान के साथ मिलकर रेसिलिएंट सप्लाई चेन्स बन सकती है जिससे स्मार्टर, ग्रीनर ओर समृद्ध भविष्य का निर्माण होगा।
 
मुख्यमंत्री ने यह बात शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडो-जापान कॉन्क्लेव में अपने संबोधन के दौरान कही। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
 
श्री नायब सिंह सैनी ने सम्मेलन में पहुंचे जापान के निवेशकों को हरियाणा के साथ पार्टनरशिप करने का निमंत्रण दिया। यह पार्टनरशिप नवाचार, निर्माण, प्रौद्योगिकी, स्थिरता व भविष्य के लिए होगी।उन्होंने कहा कि देश की विभिन्न प्रमुख विकास परियोजनाओ में जापान की उन्नत तकनीक और सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भारत-जापान साझेदारी का सबसे जीवंत और सफल मॉडल किसी राज्य में दिखाई देता है, तो वह हरियाणा है, जहां जापानी निवेश, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग ने विकास को नई गति दी है।
 

गुरुग्राम ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट


भारत में जापानी औद्योगिक विकास का प्रमुख हब बना हरियाणा
 
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि आज हरियाणा भारत में जापानी उद्योगों का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। प्रदेश में लगभग 394 जापानी उद्योग तथा 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं। इतना ही नहीं, भारत-जापान की यह साझेदारी लगातार और अधिक मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष अक्टूबर में अपनी जापान यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान जापानी कंपनियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई। यात्रा के दौरान जापान की 9 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हरियाणा में लगभग 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश का भरोसा जताया। यही विश्वास हरियाणा को जापानी कंपनियों के लिए "होम अवे फ्रॉम होम" बना रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा विश्वास केवल बिजनेस-टु-बिजनेस या गवर्नमेंट-टु-गवर्नमेंट संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हम एच 2एच यानी ‘हार्ट टू हार्ट’ रिश्तों को अधिक महत्व देते हैं।
 
उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच विश्वास आधारित साझेदारी है  जोकि विश्वास, अनुशासन, सौहार्द व परंपरा के प्रति सम्मान, उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के साझा मूल्यों पर आधारित थे। आज की दुनिया विश्वास आधारित साझेदारी ही सबसे महत्वपूर्ण होंगी।
 
जापानी निवेशकों की पहली पसंद बना हरियाणा : मुख्यमंत्री
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सोचने वाली बात है कि जापानी कंपनियों ने निवेश के लिए विशेष रूप से हरियाणा को ही क्यों चुना। उन्होंने कहा कि इसका कारण केवल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति या निवेश प्रोत्साहन योजनाएं नहीं हैं, बल्कि हरियाणा द्वारा जापानी कार्य संस्कृति को समझना और उसे अपनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी उद्योग गुणवत्ता, संचालन स्थिरता, अनुशासित कार्यबल, विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला तथा दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को विशेष महत्व देते हैं और हरियाणा इन सभी मानकों पर पूरी तरह खरा उतरा है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हीं मानकों को आधार बनाकर हरियाणा ने अपना संपूर्ण औद्योगिक तंत्र विकसित किया है। आज गुरुग्राम, मानेसर, सोनीपत, बावल और झज्जर जैसे क्षेत्रों में केवल औद्योगिक क्लस्टर ही नहीं दिखाई देते, बल्कि भारत और जापान के मजबूत औद्योगिक एकीकरण की तस्वीर नजर आती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा आज जापान के लिए केवल एक निवेश गंतव्य नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार बन चुका है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा,  जापानी औद्योगिक साझेदारी का नया केंद्र बनेगा नारायणगढ़
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी है। प्रदेश का लगभग दो-तिहाई क्षेत्र एनसीआर में आता है और हर जिला राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा हुआ है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, मेट्रो कनेक्टिविटी, ग्रीन फील्ड कॉरिडोर और एयरपोर्ट्स हरियाणा को वैश्विक निवेश के लिए आदर्श राज्य बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक प्रतिस्पर्धा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक दक्षता, मजबूत सप्लाई चेन और बाजारों तक आसान पहुंच पर आधारित है तथा हरियाणा इन सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 64 औद्योगिक संपदाएं, इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर, ईवी इकोसिस्टम, लॉजिस्टिक हब, फूड पार्क और अत्याधुनिक विनिर्माण जोन विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में 10 नई आईएमटी स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि झज्जर में विकसित हो रही जापानी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और नारायणगढ़ में प्रस्तावित जापानी क्लस्टर भारत-जापान औद्योगिक साझेदारी को नई दिशा देंगे।
 
मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को हरियाणा में निवेश के लिए किया आमंत्रित
 
मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों से हरियाणा में अपने कारोबार का विस्तार करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और आधुनिक आधारभूत ढांचा उपलब्ध है। उन्होंने निवेशकों को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में निवेश के लिए आमंत्रित किया। देश में लगभग 50 प्रतिशत कारों और 33 प्रतिशत दोपहिया वाहनों का निर्माण करता है, इसलिए ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सोहना और खरखौदा आईएमटी निवेश के लिए बेहतर विकल्प हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा तेजी से लॉजिस्टिक हब के रूप में उभर रहा है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को आधुनिक लॉजिस्टिक नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। निवेशक ड्राई पोर्ट, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क जैसे क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी दिशा में एक ही छत के नीचे 140 से अधिक सेवाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा परियोजनाओं की मंजूरी का समय 24 दिनों से घटाकर 12 दिन कर दिया गया है।
 
जापानी निवेशकों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं विकसित कर रहा है हरियाणा
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक स्मार्ट राज्य केवल उद्योगों से नहीं बनता, बल्कि बेहतर जीवन गुणवत्ता भी उसका महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। उन्होंने कहा कि आज गुरुग्राम जापानी पेशेवरों के लिए भारत के सर्वश्रेष्ठ सामाजिक आधारभूत ढांचा तंत्रों में से एक बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्कूल, जापानी रेस्तरां, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, गोल्फ कोर्स और एकीकृत शहरी आधारभूत ढांचा गुरुग्राम को वास्तविक अर्थों में वैश्विक शहर बना रहे हैं। उन्होंने बताया गुरुग्राम में विकसित किया जा रहा ‘ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट’ ‘लिव, वर्क एंड प्ले’ के सिद्धांत पर आधारित है और यह देश की सबसे बड़ी एकीकृत मिश्रित उपयोग टाउनशिप परियोजनाओं में शामिल होगा।
 
जापानी निवेशकों के लिए प्रदेश में सकुरा डेस्क स्थापित
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी निवेशकों की सुविधा के लिए हरियाणा सरकार ने ‘सकुरा डेस्क’ की स्थापना की है। यह विशेष डेस्क केवल जापानी कंपनियों से संबंधित मामलों को देखेगा और उन्हें शुरू से अंत तक सहयोग तथा मार्गदर्शन प्रदान करेगा। निवेश पूर्व परामर्श से लेकर विस्तार योजनाओं और समस्याओं के समाधान तक हर स्तर पर जापानी कंपनियों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
 
नई औद्योगिक क्रांति में भारत-जापान साझेदारी को नई दिशा देगा हरियाणा
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य उन्हीं अर्थव्यवस्थाओं का होगा, जिनकी आपूर्ति श्रृंखला मजबूत और लचीली होगी। भारत और जापान मिलकर विश्व की सबसे विश्वसनीय विनिर्माण साझेदारी स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी और हरित विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा इस नई औद्योगिक क्रांति के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय विनिर्माण तथा सतत शहरी विकास के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि भारत-जापान साझेदारी का अगला बड़ा अध्याय एमएसएमई क्षेत्र लिखेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में 13 लाख से अधिक एमएसएमई पंजीकृत हैं, जो 65 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं। ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र, रसायन और औद्योगिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में हरियाणा के एमएसएमई जापानी उद्योगों के साथ मिलकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकते हैं। इसी दिशा में राज्य सरकार संयुक्त उपक्रम, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल साझेदारी और संस्थागत सहयोग तंत्र को बढ़ावा दे रही है।
 
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह को डाइकिन कंपनी के एमडी कमलजीत सिंह जावा ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।
 
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, हरियाणा के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित अग्रवाल, विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी, चीफ कोऑर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित जापान के अनेक निवेशक बैठक में उपस्थित रहे।