हरियाणा में मानसून का असर: सामान्य से 61% अधिक बारिश, जानें मौसम अपडेट

हरियाणा में प्री-मानसून बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, सामान्य से 61% ज्यादा बरसे बादल। जानें किसानों को कितना फायदा और क्या फिर बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप?

 
हीटवेव हरियाणा

चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है. जून के शुरुआती दिनों में हुई बारिश ने ना सिर्फ भीषण गर्मी से राहत दिलाई है, बल्कि किसानों के लिए भी बड़ी खुशखबरी लेकर आई है. प्रदेश में अब तक सामान्य से 61 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है. हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राहत का यह दौर ज्यादा लंबा नहीं रहेगा और आने वाले दिनों में तापमान फिर तेजी से बढ़ सकता है.

मानसून से पहले मेहरबान हुए बादल: हरियाणा में इस बार प्री-मानसून बारिश ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है. आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 22.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 14.2 मिलीमीटर मानी जाती है. यानी हरियाणा में अब तक सामान्य से 61 फीसदी ज्यादा बारिश हो चुकी है. ये बारिश ऐसे समय पर हुई है जब प्रदेश के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे थे. बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों को राहत मिली. खेतों में नमी बढ़ने से किसानों को भी फायदा हुआ है.

बारिश से मिली राहत: शुक्रवार रात कई जिलों में हुई झमाझम बारिश का असर शनिवार के मौसम पर भी देखने को मिला. रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जबकि दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी हुई. इसके बावजूद प्रदेश का अधिकतम तापमान अभी भी सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है. नारनौल 38 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा, जबकि अधिकांश जिलों में तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया.

फिर बढ़ेगा तापमान: हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बारिश का असर कम होने के बाद अगले कुछ दिनों में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. यानी लोगों को जल्द ही गर्मी की वापसी महसूस हो सकती है.

17 जून तक बदलता रहेगा मौसम: हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार प्रदेश में 17 जून तक मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहेगा. इस दौरान हवाओं की दिशा और गति में बदलाव देखने को मिलेगा. वातावरण में मौजूद नमी के कारण कई इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ धूलभरी हवाएं चलने और हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना भी बनी हुई है. हालांकि किसी बड़े बारिश सिस्टम या व्यापक वर्षा की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही.

आज इन जिलों में बरस सकते हैं बादल: मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जिलों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है. इन जिलों में करीब 25 प्रतिशत तक वर्षा के आसार जताए गए हैं. बाकी प्रदेश में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है और फिलहाल हीटवेव की कोई चेतावनी नहीं है.

खरीफ फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश: प्री-मानसून की यह बारिश किसानों के लिए किसी राहत पैकेज से कम नहीं मानी जा रही. खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से धान, बाजरा, कपास और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति मिली है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह संतुलित बना रहता है तो खरीफ सीजन की शुरुआत किसानों के लिए काफी बेहतर साबित हो सकती है. समय से पहले मिली नमी फसलों की शुरुआती बढ़वार के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है.