अब आश्वासन नहीं, समाधान चाहिए: निकाय कर्मचारियों का हल्ला बोल : भूख हड़ताल के दूसरे दिन गूंजा भिवानी, सरकार को दी चेतावनी
सफाई और सीवर कर्मियों के साथ 29 वर्षों का सामाजिक भेदभाव अब बर्दाश्त नही : पुरूषोत्तम दानव
भिवानी, 28 अप्रैल : प्रदेश के नगर निकायों (नगरपालिका, परिषद और नगर निगम) के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश भर में जारी दो दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी पूरी आक्रामकता के साथ जारी रही। स्थानीय नगर परिषद कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों का भारी जोश और सरकार के प्रति आक्रोश साफ देखने को मिला। इसी कड़ी में भिवानी नगर परिषद कार्यालय के बाहर दूसरे दिन भी सफाई कर्मचारी क्रमिक भूख हड़ताल पर डटे रहे। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरूषोत्तम दानव के नेतृत्व में भिवानी में आयोजित इस क्रमिक भूख हड़ताल में कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाए तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि अब वे केवल खोखले आश्वासनों से संतुष्ट होने वाले नहीं हैं।
इस मौके पर नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरूषोत्तम दानव ने सरकार की मंशा पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार और संघ के बीच कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं, लेकिन मानी गई मांगों को धरातल पर लागू करने के मामले में सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 से लेकर 2026 तक सफाई और सीवर कर्मचारियों की कोई पक्की भर्ती नहीं की गई है। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सीधे तौर पर एक वर्ग के साथ किया जा रहा सामाजिक भेदभाव है। उन्होंने कहा कि सफाई और सीवर कर्मियों के साथ 29 वर्षों का सामाजिक भेदभाव अब बर्दाश्त नही किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनकी मांगों में दैनिक वेतन भोगी और एचकेआरएन कर्मचारियों के लिए 2 वर्ष की विशेष पॉलिसी बनाकर उन्हें तुरंत पक्का किया जाए, समान काम-समान वेतन के सिद्धांत को लागू किया जाए और कच्चे कर्मचारियों को भी पक्के कर्मचारियों की तरह चिकित्सा प्रतिपूर्ति और ग्रेच्युटी दी जाए, सफाई व सीवर कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये तय हो और मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार 2100 रुपये की बढ़ोतरी को तुरंत लागू किया जाए, जान जोखिम में डालकर काम करने वाले ड्राइवरों, इलेक्ट्रीशियन और सफाईकर्मियों को 5 हजार रुपये मासिक जोखिम भत्ता मिले, पुरानी पेंशन योजना को अविलंब बहाल किया जाए आदि है।
पुरूषोत्तम दानव ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस सांकेतिक भूख हड़ताल के बाद भी नहीं जागी, तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। जिसके तहत एक और दो मई को पूरे प्रदेश में दो दिवसीय पूर्ण काम छोड़ हड़ताल की जाएगी। यदि 2 मई तक समाधान नहीं निकला तो संघ राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
मंगलवार को क्रमिक भूख हड़ताल पर नीलम, आशा, शीला, सुमित्रा, मुकेश, सुभाष, बिल्लू, रवि, मालती, वजीर सुमित बैठे। इस अवसर पर अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।

