हरियाणा 'वन हेल्थ' मिशन: ज़ूनोटिक रोगों पर लगाम, हिसार में बनेगा ट्रेनिंग सेंटर
हरियाणा में 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण लागू! ज़ूनोटिक रोगों की रोकथाम के लिए हिसार में बनेगा विशेष प्रशिक्षण केंद्र। जानें कैसे पशुपालक बनेंगे प्रदेश के स्वास्थ्य रक्षक।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली जानलेवा बीमारियों (ज़ूनोटिक रोगों) की रोकथाम के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। 'वन हेल्थ' (One Health) दृष्टिकोण को अपनाते हुए, सरकार ने अब सीधे किसानों और पशुपालकों को इस जंग में अपना मुख्य भागीदार बनाने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि पशुपालक ही वह पहली कड़ी हैं, जो बीमारी को शुरुआती स्तर पर रोक सकते हैं।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए हिसार में एक 'बहुउद्देश्यीय पशुपालक प्रशिक्षण केंद्र' स्थापित किया जा रहा है। यहाँ किसानों को केवल पशुपालन ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तरीके से बीमारियों की पहचान करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही, हिसार में ही 'हरियाणा पशु चिकित्सा महामारी विज्ञान केंद्र' भी बनाया जा रहा है, जो डेटा के आधार पर संभावित बीमारियों की 'अर्ली वार्निंग' (पूर्व चेतावनी) जारी करेगा।
इस नई नीति का उद्देश्य हर पशुपालक को एक 'हेल्थ मॉनिटर' बनाना है। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में ब्रूसेलोसिस जैसी बीमारियों को जड़ से खत्म करना और रेबीज के मामलों में भारी कमी लाना है। अब हरियाणा का किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि प्रदेश के स्वास्थ्य का रक्षक भी बनेगा।

