नगर पालिका कर्मचारी संघ की हड़ताल 14 मई तक बढ़ी, 11वें दिन भी जारी रही हड़ताल
शहरों में सड़ांध, सरकार की चुप्पी : हरियाणा में सफाई कर्मियों की हड़ताल से हाहाकार
सरकार मांगें नहीं मानती तो सफाई व्यवस्था का यह संकट प्रदेश के लिए बन सकता है बड़ी स्वास्थ्य आपदा : दानव
सरकार मांगें नहीं मानती तो सफाई व्यवस्था का यह संकट प्रदेश के लिए बन सकता है बड़ी स्वास्थ्य आपदा : दानव
May 11, 2026, 16:21 IST
भिवानी, 11 मई : हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था अब पूरी तरह घुटने टेक चुकी है। स्वच्छ भारत का नारा देने वाली सरकार की नाक के नीचे गलियां सड़ रही हैं और बाजार बदबू के आगोश में हैं। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदेश की नगर पालिकाओं, परिषदों और निगमों के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को 11वें दिन भी जारी रही। आलम यह है कि डस्टबिन ओवरफ्लो होकर सडक़ों पर सैलाब बन चुके हैं और आम जनता का सांस लेना दूभर हो गया है।
सोमवार को भिवानी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों का जोश उस समय और बढ़ गया, जब विभिन्न राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों ने मंच पर आकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस से शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी, जजपा नेता मदन जूसवाला, जजपा जिला प्रधान जितेंद्र धारेडू, प्रदेश कार्यकारिणी प्रदीप गोयल, युवा जिला अध्यक्ष सेठी धनाना, इनसो जिला अध्यक्ष जयदीप ग्रेवाल, सुरेश बागड़ी, अशोक सिहाग, पीडब्ल्यू मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन-41 के पदाधिकारी समर्थन देने पहुंचे।
इस दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि उसे जनता की तकलीफों और कर्मचारियों की जायज मांगों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी 11 दिनों से सडक़ों पर हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। यह हड़ताल अब सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि सरकार के दमनकारी रवैये के खिलाफ एक जन-आंदोलन बन चुकी है। जब तक हमारी सुध नहीं ली जाती, यह संघर्ष थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने अपनी हड़ताल को 14 मई तक बढ़ा दिया है तथा अब भी सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो उनकी हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे झुकने वाले नहीं हैं। यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो सफाई व्यवस्था का यह संकट प्रदेश के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य आपदा बन सकता है।
हड़ताल के 11वें दिन कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी व उनकी टीम से जिला पार्षद रूपेंद्र ग्रेवाल, मास्टर बलवंत घणघस, बलवीर सरोहा, रवि सोलंकी, कृष्ण प्रजापत,ख्शिवकुमार बॉस, जजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र धारेडू, जजपा युवा जिला अध्यक्ष सेठी धनाना व पीडब्ल्यू मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन-41 के कर्मचारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियों पर उतारू है। जोगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक तरफ शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ रही। कर्मचारियों की मांगें पूरी करना तो दूर, उनसे बात करना भी सरकार को गंवारा नहीं है। कांग्रेस पार्टी कर्मचारियों के इस हक की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने सरकार की नीतियों को कर्मचारी और जनविरोधी करार दिया।
गौरतलब होगा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश के रिहायशी इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों तक कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। भीषण गर्मी के बीच कचरे की बदबू ने महामारी का डर पैदा कर दिया है। मुख्य सडक़ों पर फैले कचरे के कारण राहगीरों का निकलना मुहाल हो गया है। इस अवसर पर जयहिंद, नरेश, प्रवीण, रमेश, मालती, बाला, मनीषा, अमित, भारत, रमेश कांडा, प्रीतम, राकेश, राजबीर, जोनी, कर्मफल, सुरेंद्र, भतेरी, रवि, नीलम, आशा, शीला, सुमित्रा, मुकेश, सुभाष, बिल्लू सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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ये है मांगें
पुरूषोत्तम दानव ने कहा कि दानव ने कहा कि उनकी मांगों में पक्की भर्ती और नियमितीकरण, जोखिम भत्ता 5 हजार, समान सुविध, पुरानी पेंशन, शहीद अगिनशमन कर्मचारियों (रणवीर व भवीचन्द) के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, 8 अप्रैल से हड़ताल पर चल रहे फायर ब्रिगेड कर्मियों की सभी मांगें पूरी हों आदि है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ठेका प्रथा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाकर कर्मचारियों के साथ ऐतिहासिक छल किया है। पिछले 40 वर्षों में शहरों की आबादी और क्षेत्रफल कई गुना बढ़ गया, लेकिन पदों की संख्या जस की तस है।
सोमवार को भिवानी नगर परिषद कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों का जोश उस समय और बढ़ गया, जब विभिन्न राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों ने मंच पर आकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। इस दौरान कांग्रेस से शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी, जजपा नेता मदन जूसवाला, जजपा जिला प्रधान जितेंद्र धारेडू, प्रदेश कार्यकारिणी प्रदीप गोयल, युवा जिला अध्यक्ष सेठी धनाना, इनसो जिला अध्यक्ष जयदीप ग्रेवाल, सुरेश बागड़ी, अशोक सिहाग, पीडब्ल्यू मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन-41 के पदाधिकारी समर्थन देने पहुंचे।
इस दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव पुरुषोत्तम दानव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि उसे जनता की तकलीफों और कर्मचारियों की जायज मांगों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी 11 दिनों से सडक़ों पर हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। यह हड़ताल अब सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि सरकार के दमनकारी रवैये के खिलाफ एक जन-आंदोलन बन चुकी है। जब तक हमारी सुध नहीं ली जाती, यह संघर्ष थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने अपनी हड़ताल को 14 मई तक बढ़ा दिया है तथा अब भी सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो उनकी हड़ताल आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे झुकने वाले नहीं हैं। यदि सरकार ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो सफाई व्यवस्था का यह संकट प्रदेश के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य आपदा बन सकता है।
हड़ताल के 11वें दिन कांग्रेस के शहरी जिला अध्यक्ष प्रदीप जोगी व उनकी टीम से जिला पार्षद रूपेंद्र ग्रेवाल, मास्टर बलवंत घणघस, बलवीर सरोहा, रवि सोलंकी, कृष्ण प्रजापत,ख्शिवकुमार बॉस, जजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र धारेडू, जजपा युवा जिला अध्यक्ष सेठी धनाना व पीडब्ल्यू मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन-41 के कर्मचारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार कर्मचारी विरोधी नीतियों पर उतारू है। जोगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक तरफ शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ रही। कर्मचारियों की मांगें पूरी करना तो दूर, उनसे बात करना भी सरकार को गंवारा नहीं है। कांग्रेस पार्टी कर्मचारियों के इस हक की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने सरकार की नीतियों को कर्मचारी और जनविरोधी करार दिया।
गौरतलब होगा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण प्रदेश के रिहायशी इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों तक कूड़े के पहाड़ खड़े हो गए हैं। भीषण गर्मी के बीच कचरे की बदबू ने महामारी का डर पैदा कर दिया है। मुख्य सडक़ों पर फैले कचरे के कारण राहगीरों का निकलना मुहाल हो गया है। इस अवसर पर जयहिंद, नरेश, प्रवीण, रमेश, मालती, बाला, मनीषा, अमित, भारत, रमेश कांडा, प्रीतम, राकेश, राजबीर, जोनी, कर्मफल, सुरेंद्र, भतेरी, रवि, नीलम, आशा, शीला, सुमित्रा, मुकेश, सुभाष, बिल्लू सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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ये है मांगें
पुरूषोत्तम दानव ने कहा कि दानव ने कहा कि उनकी मांगों में पक्की भर्ती और नियमितीकरण, जोखिम भत्ता 5 हजार, समान सुविध, पुरानी पेंशन, शहीद अगिनशमन कर्मचारियों (रणवीर व भवीचन्द) के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, 8 अप्रैल से हड़ताल पर चल रहे फायर ब्रिगेड कर्मियों की सभी मांगें पूरी हों आदि है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ठेका प्रथा खत्म करने का वादा किया था, लेकिन हरियाणा कौशल रोजगार निगम बनाकर कर्मचारियों के साथ ऐतिहासिक छल किया है। पिछले 40 वर्षों में शहरों की आबादी और क्षेत्रफल कई गुना बढ़ गया, लेकिन पदों की संख्या जस की तस है।

