Haryana Board Mock Drill Bhiwani: शिक्षा बोर्ड परिसर में बजा भूकंप का सायरन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने 63 लोगों को सुरक्षित निकाला
भिवानी के शिक्षा बोर्ड परिसर में भूकंप से बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की मॉक ड्रिल। 63 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
शिक्षा बोर्ड में भूकंप का सायरन बजते ही शुरू हुई बचाव की मॉक ड्रिल
एनडीआरएफ और एसडीआरफ ने भूकंप की वजह से फंसे 63 लोगों को निकाला सुरक्षित
शिक्षा बोर्ड परिसर में भूकंप से बचाव की हुई मॉक ड्रिल
भिवानी, 10 सितंबर। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में वीरवार को डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ टीम के सहयोग से भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल डीआरओ राजकुमार भोरिया की देखरेख में हुई। इस दौरान शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ भी मौजूद रहे। मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के अलावा जिला रेडक्रॉस, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस तथा अग्निशमन विभाग की टीमों ने आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास करते हुए 63 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। भूकंप का पैमाना 6.5 रियेक्टर रहा।

सायरन बजते ही मॉक ड्रिल की प्रक्रिया शुरु हुई। अभ्यास के दौरान 63 लोगों के भवन में फंसे होने की स्थिति बनाई गई, जिनमें आठ लोगों को गंभीर अवस्था में दर्शाया गया। एनडीआरएफ की टीम ने ड्रील से दरवाजे को काटकर दो लोगों को सुरक्षित निकाला और तत्काल उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजने की कार्रवाई की गई। अग्निशमन विभाग की टीम ने छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया जबकि रेडक्रॉस की टीम ने लोगों के प्राथमिक उपचार के लिए उपस्थित रही।

मॉक ड्रील के दौरान एनडीआरफ से इंस्पेक्टर मिनकेश, एसडीआरफ से इंस्पेक्टर सुरेश ने कहा कि भूकंप जैसी आपदा के समय घबराने के बजाय संयम बरतना चाहिए। जहां व्यक्ति मौजूद हों, वहीं सुरक्षित स्थान पर बैठकर अपने सिर एवं शरीर को कवर करें। संयम से काम लें और भगदड़ न मचाएं। उन्होंने कहा कि आपदा से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कर्मचारियों एवं आमजन को पहले से ही जागरूक और प्रशिक्षित करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों की तैयारियों को मजबूत किया जाता है।

उन्होंने ने कहा कि आपदा की स्थिति में शुरुआती समय में प्रभावित भवन एवं क्षेत्र के लोगों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि किसी भी बाहरी बचाव दल से पहले आपदा का संकेत उन्हें ही मिलता है। भूकंप आने पर घबराकर भगदड़ मचाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर कवर लेकर होल्ड करना चाहिए। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर निर्धारित निकासी मार्ग से बाहर निकलना चाहिए।

उन्होंने मॉक ड्रिल के दौरान आपदा से पहले की तैयारियों, सूचना एवं चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, गंभीर घायलों को अस्पताल पहुंचाने, फंसे लोगों को बाहर निकालने तथा विभिन्न बचाव दलों के आपसी समन्वय का भी अभ्यास किया और अधिकारियों, कर्मचारियों व लोगों को जानकारी भी दी। मॉक ड्रिल के दौरान होमगार्ड से उमेश सांगवान, स्वास्थ्य विभाग से डा. आशीष, जनस्वास्थ्य विभाग से एसडीओ प्रवीण, अग्निशमन विभाग से रमन व रोडवेज से अनिल मौजूद रहे।