मांगों को लेकर भिवानी में एकजुट हुए शिक्षा बोर्ड कर्मचारी : उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
सरकार केवल चेहरे बदल रही है, व्यवस्था नहीं : सोमबीर पूनिया
भिवानी, 24 जून : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के परिसर में बुधवार को कर्मचारी संगठन संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर सभी कर्मचारी भोजनावकाश के दौरान एकजुट हुए। इस दौरान बोर्ड परिसर के मुख्य द्वार पर एक द्वार सभा का आयोजन किया गया, जिसका संचालन संगठन के महासचिव सोमबीर पूनिया ने किया तथा अध्यक्षता प्रधान सत्यवीर स्वामी द्वारा की गई। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोष प्रकट किया।
मंच का संचालन कर रहे महासचिव सोमबीर पूनिया ने वर्तमान सरकार और बोर्ड प्रशासन पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केवल चेहरे बदलने का काम कर रही है, लेकिन धरातल पर व्यवस्था में कोई सकारात्मक परिवर्तन दिखाई नहीं दे रहा है। प्रशासन कर्मचारियों के लिए बनी कल्याणकारी नीतियों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहा है। विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों पर पदोन्नति (प्रमोशन) नहीं की जा रही है, जिससे योग्य कर्मचारियों में भारी निराशा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन की जायज मांगें सुनने की बजाय कार्यालय आदेशों के नाम पर ऊल-जूलूल और तानाशाही फरमान जारी किए जा रहे हैं। नए प्रशासन से कर्मचारियों को जो सकारात्मक बदलाव की उम्मीदें थीं, अथॉरिटी का उस तरफ कोई ध्यान नहीं है, जिससे सभी कर्मचारियों में निराशा के साथ-साथ भारी गुस्सा भी है।
इसी कड़ी में आंदोलन को और धार देते हुए राज्य सचिव अशोक पिलानिया ने सीधे तौर पर प्रशासन को ललकारा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते संस्था के हित में कार्य नहीं किया और खाली पड़े पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो संगठन एक बड़े आंदोलन का रुख अख्तियार करने में जरा भी देरी नहीं करेगा। पिलानिया ने प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो कर्मचारी व अधिकारी प्रशासन की आड़ में अपनी व्यक्तिगत रंजिश निकालने का निम्न स्तर का कार्य कर रहे हैं और कर्मचारियों के बीच भय का माहौल पैदा करना चाहते हैं, प्रशासन को उन पर अपने स्तर पर संज्ञान लेते हुए अविलम्ब कार्रवाई करनी चाहिए ताकि बोर्ड परिसर में भाईचारे और सकारात्मक कार्य संस्कृति का माहौल बना रहे।
सभा के अंत में अध्यक्षीय भाषण देते हुए प्रधान सत्यवीर स्वामी ने बताया कि बोर्ड प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए बार-बार गुहार लगानी पड़ रही है। इसी के विरोध स्वरूप आज अध्यक्ष महोदय को एक मांग-पत्र सौंपा गया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि समय रहते बोर्ड प्रशासन ने अपनी नीतियों में सुधार नहीं किया, तो सभी कर्मचारी एक बड़े आंदोलन की राह पर निकल पड़ेंगे। गेट मीटिंग में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने हाथ उठाकर और गगनभेदी नारों के साथ प्रधान के इस आह्वान का पूर्ण समर्थन किया।
गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी देवेंद्र वरिष्ठ उप-प्रधान, भारतदीप, जोगेन्द्र, अशोक पिलानिया, अनूप खेदड़, अशोक लाम्बा, अमनदीप, संदीप शर्मा, अरुण, कुलदीप सहित बोर्ड के लगभग सभी कर्मचारी एवं सदस्य भारी संख्या में उपस्थित रहे।

