Haryana School Education Board News: बोर्ड कर्मचारियों का फूटा गुस्सा, द्वार सभा कर प्रशासन पर लगाए तानाशाही के आरोप

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा। पदोन्नति न मिलने और नीतियों के विरोध में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

 
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में कर्मचारियों का हल्ला बोल, द्वार सभा कर प्रशासन पर लगाए तानाशाही के आरोप, पदोन्नति न करने पर जताया रोष, उग्र आंदोलन की चेतावनी

कुछ चाटुकारों के कहने पर लिए जा रहे कर्मचारी विरोधी फैसले, शिक्षा को महंगा करने की साजिश के खिलाफ सभी यूनियनों को करेंगे एकजुट : अशोक पिलानिया

राजकीय विद्यालयों को वापस शिक्षा बोर्ड से नहीं जोड़ा तो बिजली बोर्ड की तर्ज पर होगा जन आंदोलन : जोगेंद्र

भिवानी, 21 अक्तूबर : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कर्मचारी संगठन ने प्रशासन की तानाशाही और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को भिवानी स्थित बोर्ड कैंपस में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कर्मचारी संगठन-1016 संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले द्वार सभा का आयोजन किया गया। इस सभा के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन और प्रदेश सरकार की नीतियों के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। द्वार सभा की अध्यक्षता संगठन के प्रधान अशोक पिलानिया ने की, जबकि मंच का सफल संचालन महासचिव जोगेन्द्र थिलौड़ द्वारा किया गया। सभा में बोर्ड कैम्पस के भारी संख्या में कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में संगठन के फैसलों का समर्थन किया। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि बोर्ड प्रशासन वर्तमान में कर्मचारियों की जायज मांगों को सुनने और उनका समाधान करने के बजाय लगातार झूठे दिलासे दे रहा है।

संगठन के प्रधान अशोक पिलानिया ने सीधे तौर पर प्रशासन को घेरते हुए कहा कि बोर्ड प्रशासन फिलहाल दमनकारी नीति अपनाते हुए कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं कर रहा है। इसके विपरीत कुछ चाटुकारों के कहने पर गुमराह होकर कर्मचारी विरोधी कार्य किए जा रहे हैं, जिससे बोर्ड कार्यालय के तमाम कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। यदि प्रशासन ने शिक्षा बोर्ड के मूलभूत ढाँचे के साथ किसी भी प्रकार की छेडख़ानी करने की नापाक चेष्टा की, तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा और इसके गंभीर परिणामों के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।

 सभा को संबोधित करते हुए महासचिव जोगेन्द्र थिलौड़ ने शिक्षा बोर्ड से अलग किए गए बड़े राजकीय विद्यालयों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार और प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यदि समय रहते शिक्षा बोर्ड से अलग किए गए बड़े राजकीय विद्यालयों को वापस हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से नहीं जोड़ा जाता, तो आने वाले समय में बिजली बोर्ड आंदोलन की तर्ज पर आमजन को साथ लेकर एक बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। संगठन नेताओं ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि प्रदेश के आम जनसाधारण, गरीब, किसान और मजदूरों के बच्चों की शिक्षा को बचाने की मुहिम है।

नेताओं का तर्क था कि यदि एक ही केन्द्रीय बोर्ड से प्रदेश के सभी विद्यालयों को सम्बद्ध कर दिया जाता है, तो एकतरफा तानाशाही बढ़ेगी। इसके परिणामस्वरूप शिक्षा जैसा मूलभूत विषय इतना महंगा हो जाएगा कि आम जनमानस उसका खर्च वहन नहीं कर पाएगा। इसी साजिश के खिलाफ प्रदेश की सभी कर्मचारी यूनियनों और जन-संगठनों को एकजुट कर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। द्वार सभा के अंत में चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन अपनी कारगुजारियों से बाज नहीं आता है, तो जल्द ही कोई बड़ा और कड़ा कदम उठाया जाएगा। इस अवसर पर वरिष्ठ उप-प्रधान अमनदीप सिंह, उप-प्रधान सोमवीर पुनिया, अशोक लाम्बा, सलाहकार सत्यवीर स्वामी, अरुण कुमार, संदीप शर्मा, अमित कुमार, सोनू चाहर, कुलदीप सिंह के साथ-साथ महिला नेत्री अंजू बाला, सरिता एवं बोर्ड कार्यालय के तमाम कर्मचारी व अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।