प्रदेश के पशु चिकित्सकों ने पूर्व मंत्री द्वारा पशुपालन विभाग के लिए ग़ैर जिम्मेदार बयानों के विरोध में काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी दी
 

हरियाणा के पशु चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल के बयान का किया विरोध। IAS डॉ. हरीश वशिष्ठ पर टिप्पणी को बताया अपमानजनक, मांगी माफी।

 
हरियाणा वेटरनरी डॉक्टर्स न्यूज़
भिवानी, 27 अप्रैल : गत दिनों पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल द्वारा पशुपालन विभाग को डंगर महकमा कहकर संबोधित किया तथा विभाग में पूर्व में कार्यरत डॉ हरीश वशिष्ठ को डांगर महकमे में एक मामूली अधिकारी कहकर लज्जित किया। उनके इस बयान की पूरे प्रदेश में निंदा की जा रही है। इस बारे में हरियाणा स्टेट वेटरनरी एसोसिएशन ने अपनी नाराजगी जताई है तथा राज्य के सभी पशु चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे जिला स्तर पर काले बिल्लेलगाकर अपने कार्य क्षेत्र में कार्य करे तथा पशुओं का उपचार करें। स्टेट वेटनरी एसोसिएशन के जिला प्रधान डा. सुरेश सांगवान ने बताया कि पूर्व मंत्री को शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए था। सोमवार प्रदेश भर में सभी पशु चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर अपना रोष प्रकट किया। डा. सांगवान ने बताया कि पशु चिकित्सक सरकार की पशु कल्याण की नीतियों को पशुपालक के घर द्वार तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इस तरह के अनर्गल बयान पशु चिकित्सकों एवं विभाग की मर्यादा को नीचा दिखाते हैं। अपने बयानों में पूर्व मंत्री ने डा. हरीश वशिष्ठ को नाकाबिल और मामूली अफसर बताया जो कि सरासर ग़लत है। ज्ञात रहे कि डॉ हरीश ने पहले पशुपालन विभाग में एक कर्मठ पशु चिकित्सक के रूप में लगभग दो दशक तक अपनी उत्कृष्ठ सेवाएं दी हैं। बाद में हरियाणा सरकार ने पारदर्शी तरीके से पहली बार क्लास वन अधिकारियों से आईएएस के चयन में परीक्षा ली जिसमे डॉ हरीश चयनित हुए थे। डीसी के उनके कार्यकाल में पहले जींद और अब पलवल में उनकी कार्यप्रणाली को सभी ने सराहा है। एक ईमानदार आईएएस अधिकारी के लिए भी अपशब्दों से बचा जाना चाहिए। हरियाणा स्टेट वेटरनरी एसोसिएशन ने मांग की है कि पूर्व मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और पशु चिकित्सकों को सम्मान देना चाहिए, क्योंकि पशु चिकितसक गरीब किसान की पूंजी गाय व भैंस का उपचार करते है और भारत की जीडीपी बढ़ाने में पशुपालन विभाग का अहम किरदार रहता है।