एसआईआर अभियान : प्रदेश में 15 जून से 22 सितंबर 2026 तक चलेगा मतदाता पुनरीक्षण कार्य: साहिल गुप्ता
- बीएलओ 15 जून से 14 जुलाई तक जाएंगे घर-घर
May 16, 2026, 17:22 IST
भिवानी, 16 मई। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी साहिल गुप्ता ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, व्यापक एवं सहभागी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य शुरू किया है। हरियाणा में एक जुलाई 2026 को आधार तिथि मानकर मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जाएगा। विशेष पुनरीक्षण का प्रशिक्षण पांच से 14 जून तक करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस तीसरे चरण में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर पुनरीक्षण कार्य करेंगे। 14 जुलाई तक मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन यानि युक्तिकरण किया जाएगा और 21 जुलाई को मतदाता सूची ड्रा$फ़ट का प्रकाशन किया जाएगा। 21 जुलाई से 20 अगस्त तक मतदाता सूची से संबंधित दावे व आपत्तियां ली जाएगी तथा 21 जुलाई से 18 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गुप्ता ने बताया कि निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर फेज-तृतीय का शेड्यूल जनगणना की मौजूदा हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है, ताकि दोनों कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। उन्होंने बताया कि एसआईआर फेज-तृतीय के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता और राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी होगी। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सहभागी तरीके से संपन्न हो सके।
डीसी साहिल गुप्ता ने बताया कि एसआईआर एक सहभागी अभियान है, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल एवं निर्वाचन अधिकारी सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। आयोग के अनुसार किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच एवं सुनवाई का अवसर दिए प्रारूप सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट एवं बाद में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस तीसरे चरण में हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ सहित 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मतदाताओं के विवरण का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर पुनरीक्षण कार्य करेंगे। 14 जुलाई तक मतदान केंद्रों का रेशनलाइजेशन यानि युक्तिकरण किया जाएगा और 21 जुलाई को मतदाता सूची ड्रा$फ़ट का प्रकाशन किया जाएगा। 21 जुलाई से 20 अगस्त तक मतदाता सूची से संबंधित दावे व आपत्तियां ली जाएगी तथा 21 जुलाई से 18 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गुप्ता ने बताया कि निर्वाचन आयोग के अनुसार एसआईआर फेज-तृतीय का शेड्यूल जनगणना की मौजूदा हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है, ताकि दोनों कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। उन्होंने बताया कि एसआईआर फेज-तृतीय के दौरान मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता और राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी होगी। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सहभागी तरीके से संपन्न हो सके।
डीसी साहिल गुप्ता ने बताया कि एसआईआर एक सहभागी अभियान है, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल एवं निर्वाचन अधिकारी सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। आयोग के अनुसार किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित जांच एवं सुनवाई का अवसर दिए प्रारूप सूची से नहीं हटाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय से असंतुष्ट होता है, तो वह जिला मजिस्ट्रेट एवं बाद में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकेगा।

