हरियाणा में 24 साल बाद मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण, 15 जून से शुरू होगा घर-घर सत्यापन अभियान
22 सितंबर को होगा अंतिम प्रकाशन, पहली बार मंडलायुक्त निभाएंगे रोल ऑब्जर्बर की भूमिका
मतदाता सूची में 18% तार्किक त्रुटियां, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत व पंचकूला में मैपिंग की धीमी प्रगति पर सीईओ ने जताई चिंता
मतदाता सूची में 18% तार्किक त्रुटियां, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत व पंचकूला में मैपिंग की धीमी प्रगति पर सीईओ ने जताई चिंता
Jun 3, 2026, 18:41 IST
चंडीगढ़, 3 जून - हरियाणा में लगभग 24 वर्ष बाद मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान शुरू होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार यह व्यापक अभियान 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चलाया जाएगा, जिसके तहत बूथ स्तर पर घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) श्री ए. श्रीनिवास ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और निर्देश दिए कि ईआरओ,एईआरओ, बीएलओ तथा सुपरवाइजर्स को समयबद्ध प्रशिक्षण देकर अभियान को सफल बनाया जाए।
बैठक में सीईओ ने राज्य में मतदाता सूचियों की मैपिंग की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अब तक केवल 64.26 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा हुआ है, जबकि फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और पंचकूला जैसे जिलों में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि संबंधित जिलों में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर जनसहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वयं अगले सप्ताह इन जिलों का दौरा करने की घोषणा भी की।
श्री श्रीनिवास ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए ‘गणना फॉर्म’ हिंदी भाषा में उपलब्ध कराए जाएंगे और 5 जून 2026 से इन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिन घरों से गणना फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, वहां बीएलओ पड़ोसियों से जानकारी लेकर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लिकेट मतदाताओं की पहचान करेंगे। प्रत्येक ऐसे घर का कम से कम तीन बार दौरा करना बीएलओ के लिए अनिवार्य होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी घर में मतदाता उपस्थित नहीं है तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर कर उसे बीएलओ को सौंप सकता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने वाले मतदाताओं के मामलों में भी बीएलओ घर जाकर सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होंगे, उनकी बूथवार सूची पंचायत भवनों, शहरी निकाय कार्यालयों और बीडीपीओ कार्यालयों के नोटिस बोर्डों पर प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी सार्वजनिक किए जाएंगे। ऐसी सूचियां सीईओ तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध रहेंगी।
राजनीतिक दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करवाएं। इसके अतिरिक्त स्वयंसेवकों का सहयोग भी लिया जाएगा।
सीईओ ने कहा कि हरियाणा में अंतिम बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में कराया गया था। उन्होंने खुलासा किया कि अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा के चुनावी डेटा में लगभग 18 प्रतिशत तार्किक त्रुटियां पाई गई हैं, जिनमें गलत नाम और वर्तनी संबंधी त्रुटियां प्रमुख हैं। 21 मई 2026 तक राज्य में कुल 2 करोड़ 6 लाख 52 हजार 760 पंजीकृत मतदाता तथा 20 हजार 629 मतदान केंद्र हैं। फतेहाबाद जिला 87.44 प्रतिशत मैपिंग के साथ राज्य में सबसे आगे है।
श्री श्रीनिवास ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों तथा विधानसभा क्षेत्रों में हेल्पलाइन नंबर 1950 आधारित विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसआईआर कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी तथा सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों के पद रिक्त न रहें।
बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पहली बार निर्वाचन आयोग ने मंडलायुक्तों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान रोल ऑब्जर्बर की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता और अधिक मजबूत होगी।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रितु, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अपूर्व, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री राज कुमार लोहान तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) श्री ए. श्रीनिवास ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और निर्देश दिए कि ईआरओ,एईआरओ, बीएलओ तथा सुपरवाइजर्स को समयबद्ध प्रशिक्षण देकर अभियान को सफल बनाया जाए।
बैठक में सीईओ ने राज्य में मतदाता सूचियों की मैपिंग की धीमी प्रगति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अब तक केवल 64.26 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा हुआ है, जबकि फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत, पानीपत और पंचकूला जैसे जिलों में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत से भी कम है। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि संबंधित जिलों में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर जनसहयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्वयं अगले सप्ताह इन जिलों का दौरा करने की घोषणा भी की।
श्री श्रीनिवास ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए ‘गणना फॉर्म’ हिंदी भाषा में उपलब्ध कराए जाएंगे और 5 जून 2026 से इन्हें आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जिन घरों से गणना फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, वहां बीएलओ पड़ोसियों से जानकारी लेकर अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लिकेट मतदाताओं की पहचान करेंगे। प्रत्येक ऐसे घर का कम से कम तीन बार दौरा करना बीएलओ के लिए अनिवार्य होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी घर में मतदाता उपस्थित नहीं है तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य गणना फॉर्म पर हस्ताक्षर कर उसे बीएलओ को सौंप सकता है। ऑनलाइन फॉर्म भरने वाले मतदाताओं के मामलों में भी बीएलओ घर जाकर सत्यापन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं होंगे, उनकी बूथवार सूची पंचायत भवनों, शहरी निकाय कार्यालयों और बीडीपीओ कार्यालयों के नोटिस बोर्डों पर प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही नाम शामिल न होने के संभावित कारण भी सार्वजनिक किए जाएंगे। ऐसी सूचियां सीईओ तथा जिला निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध रहेंगी।
राजनीतिक दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करवाएं। इसके अतिरिक्त स्वयंसेवकों का सहयोग भी लिया जाएगा।
सीईओ ने कहा कि हरियाणा में अंतिम बार विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2002 में कराया गया था। उन्होंने खुलासा किया कि अन्य राज्यों की तुलना में हरियाणा के चुनावी डेटा में लगभग 18 प्रतिशत तार्किक त्रुटियां पाई गई हैं, जिनमें गलत नाम और वर्तनी संबंधी त्रुटियां प्रमुख हैं। 21 मई 2026 तक राज्य में कुल 2 करोड़ 6 लाख 52 हजार 760 पंजीकृत मतदाता तथा 20 हजार 629 मतदान केंद्र हैं। फतेहाबाद जिला 87.44 प्रतिशत मैपिंग के साथ राज्य में सबसे आगे है।
श्री श्रीनिवास ने बताया कि सभी जिला मुख्यालयों तथा विधानसभा क्षेत्रों में हेल्पलाइन नंबर 1950 आधारित विशेष हेल्पडेस्क स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों का वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार एसआईआर कार्य में लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तबादला आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी तथा सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों के पद रिक्त न रहें।
बैठक में एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पहली बार निर्वाचन आयोग ने मंडलायुक्तों को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान रोल ऑब्जर्बर की जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता और अधिक मजबूत होगी।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीमती रितु, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री अपूर्व, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री राज कुमार लोहान तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

