हरियाणा वेदर अलर्ट: 15 जिलों में बारिश की संभावना, गर्मी से राहत जल्द
हरियाणा में भीषण गर्मी से लोग बेहाल, रोहतक सबसे गर्म। मौसम विभाग ने 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया। 1 जुलाई से मानसून आने की उम्मीद।
चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून की देरी के कारण भीषण गर्मी और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है. सोमवार को प्रदेश के 11 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने मंगलवार को 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है, जबकि 1 जुलाई से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने का अनुमान है. इसके बाद प्रदेश में तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है.
रोहतक सबसे गर्म: प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रोहतक में 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके बाद सिरसा 43.4, हिसार 43.3 और भिवानी 43 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे. पलवल, गुरुग्राम, नूंह, फतेहाबाद समेत कुल 11 शहरों का पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक दर्ज किया गया.
रात में भी गर्मी से नहीं मिल रही राहत: वहीं, दिन के साथ-साथ रातें भी लोगों के लिए परेशान करने वाली बनी हुई हैं. न्यूनतम तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक दर्ज किया गया. फरीदाबाद में रात का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सिरसा में 31 और अंबाला में 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. अधिकांश जिलों में रात का तापमान 28 से 31 डिग्री के बीच रहने से लोगों को राहत नहीं मिल रही.
15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट: इस बीच मौसम विभाग ने मंगलवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर में कहीं-कहीं बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. अंबाला, पंचकूला और चंडीगढ़ क्षेत्र में भी हल्की बारिश के संकेत हैं. वहीं रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत और जींद में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है.
1 जुलाई से सक्रिय होगा प्री-मानसून: मौसम विभाग के अनुसार 1 जुलाई से हरियाणा में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी. 2 और 3 जुलाई को उत्तर और उत्तर-पूर्वी हरियाणा के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है. मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने से अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इससे उमस कम होगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
बिजली की मांग बढ़ी: वहीं, भीषण गर्मी और उमस के कारण प्रदेशभर में कूलर और एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ गया है. इससे बिजली की मांग में अचानक इजाफा हुआ है. कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोडिंग के चलते बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. मौसम विभाग का मानना है कि बारिश शुरू होने के बाद मौसम सुहावना होने के साथ बिजली की मांग में भी कमी आ सकती है.

