Haryana Weather Update: हरियाणा में गर्मी का टॉर्चर, सिरसा @44°C; 17 मई से लू का 'यलो अलर्ट' और आंधी-बारिश की चेतावनी

हरियाणा में मौसम के दो रंग! सिरसा में पारा 44 डिग्री पहुंचा, वहीं कई जिलों में बारिश-ओलावृष्टि। 17 मई से लू (Heatwave) का यलो अलर्ट जारी। जानें अपने शहर का हाल।

 
IMD Haryana Weather News

चंडीगढ़: हरियाणा में मौसम लगातार करवट बदल रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले तीन दिनों में गर्मी और अधिक बढ़ सकती है. 17 मई से प्रदेश के पश्चिमी जिलों में लू चलने की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है.

सिरसा सबसे गर्म जिला: प्रदेश के पांच जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. सिरसा सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा नारनौल में 42.5°C, हिसार में 41.4°C, रोहतक में 41.2°C और महेंद्रगढ़ में 40.6°C तापमान रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग ने सिरसा और फतेहाबाद में तेज आंधी की संभावना भी जताई है.

कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि: गर्मी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली. बुधवार सुबह जींद, हिसार, पानीपत, करनाल, कैथल और फतेहाबाद में बारिश हुई. वहीं रात के समय बहादुरगढ़ में ओलावृष्टि दर्ज की गई. सोनीपत, करनाल और भिवानी में तेज बारिश हुई, जबकि कई जिलों में देर रात तक आंधी चलती रही. यमुनानगर के रादौर क्षेत्र में तूफान के कारण कई गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई.

रात में राहत: दिन के समय तेज गर्मी महसूस की जा रही है, लेकिन रात का मौसम अभी राहत दे रहा है. पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई. रोहतक प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.2°C रिकॉर्ड किया गया. गुरुग्राम में 22°C और चंडीगढ़ में 23°C न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ. हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में रात का तापमान भी बढ़ सकता है.

किसानों को मौसम विभाग की सलाह: बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. अगले तीन दिनों तक बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए कपास की बुवाई फिलहाल टालने को कहा गया है. जिन किसानों की गेहूं और जौ की फसल तैयार हो चुकी है, उन्हें जल्द कटाई और थ्रेसिंग करने की सलाह दी गई है. पशुपालकों को भी पशुओं को शेड में रखने और मच्छरों से बचाव के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं.