IMD Monsoon Forecast Haryana: पंचकूला और अंबाला समेत 5 जिलों में बारिश की संभावना, जींद-सिरसा में सामान्य से कम हुई बरसात

हरियाणा में मानसून कमजोर पड़ने से कई जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई है। हिसार में तापमान बढ़ा है और महेंद्रगढ़ में फसल को नुकसान हुआ है।
 
Mahendragarh bajra crop loss

चंडीगढ़: हरियाणा में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर बनी हुई हैं. मौसम विभाग ने 31 अगस्त को प्रदेश के पांच जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. इसके बाद भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. हालांकि, अगले सात दिनों के लिए मौसम विभाग ने किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है.

हिसार में तापमान पहुंचा 38.8 डिग्री: IMD चंडीगढ़ के मुताबिक रविवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई. इसके बावजूद तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक रहा. हिसार में सबसे ज्यादा 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. हल्की बारिश की संभावना के बावजूद गर्मी और उमस से तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं.

बारिश की कमी से बाजरा प्रभावित: महेंद्रगढ़ जिले में बारिश की कमी का असर अब बाजरे की फसल पर दिखाई देने लगा है. कई स्थानों पर बाजरे की फसल सूखकर जल गई. मंढाणा, सेका और कादीपुरी गांवों में किसानों को अधिक नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि बारिश नहीं होने से फसल प्रभावित हुई है. उन्होंने सरकार से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है.

जींद में 57% बारिश कम: मानसूनी सीजन में प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है. जींद में सामान्य से 57 प्रतिशत, अंबाला और सिरसा में 51-51 प्रतिशत, कैथल में 50 प्रतिशत, रोहतक में 43 प्रतिशत और करनाल में 41 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. इसके विपरीत पलवल में सामान्य से 23 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है.

महेंद्रगढ़ में 15% कम बरसात: 1 जून से 30 अगस्त तक महेंद्रगढ़ में 286.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम है. वहीं गुरुग्राम में 410.3 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 11 प्रतिशत अधिक है. रेवाड़ी में 335.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 5 प्रतिशत कम रही. फतेहाबाद में 211.8 मिमी बारिश सामान्य रही, जबकि भिवानी में 260.6 मिमी बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक दर्ज हुई.

हिसार में भी बारिश की कमी: हिसार में मानसूनी अवधि के दौरान 198.3 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 19 प्रतिशत कम है. इससे जिले में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में कहीं-कहीं बारिश होने से तापमान में मामूली गिरावट संभव है, लेकिन उमस से पूरी तरह राहत मिलने में अभी समय लग सकता है.